राजधानी भोपाल में सरकारी संस्था एमपी हाउसिंग बोर्ड के कटारा स्थित सफायर पार्क सिटी के बाशिंदे अब खुद को सुरक्षित भी महसूस कर रहे हैं और स्वच्छ वातावरण में सुकून की सांस भी ले पा रहे हैं। यहां सुरक्षा और सफाई के माकूल इंतजाम कर दिए गए हैं।
आज के यह हालात करीब एक सप्ताह पहले तक बिल्कुल विपरीत थे। राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शीले ने सोशल मीडिया के माध्यम से जब इस मामले को उजागर किया तो "अमर उजाला" ने प्रमुखता से इसको प्रकाशित किया। हालात सुधरे तो अरविंद शीले ने सोशल मीडिया पर "अमर उजाला" के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पोस्ट शेयर की है।
वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शीले ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने अमर उजाला और सभी सोशल मीडिया साथियों को सूचित किया कि उनकी कॉलोनी के हालात दुरुस्त हो गए हैं। निर्माण संस्था एमपी हाउसिंग बोर्ड ने सफायर पार्क सिटी में अब सुरक्षा के लिए चार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति कर दी है। यहां अब सड़कें साफ सुथरी और पार्क भी व्यवस्थित कर दिया गया है।
ऐसे थे हालात
करीब 14 एकड़ जमीन पर विस्तारित प्रोजेक्ट सफायर पार्क सिटी में करीब 120 डुप्लेक्स हैं। यहां आवाजाही के लिए चार गेट मौजूद हैं। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर प्रति डुप्लेक्स 2.50 लाख रुपये भी जमा कराए गए हैं। बावजूद इसके यहां सुरक्षा के लिए 24 घंटे की ड्यूटी के लिए महज दो गार्ड तैनात किए गए थे। सड़क, पार्क और बाकी क्षेत्रों में भी गंदगी के हालात बने हुए थे। इन हालात के खिलाफ क्षेत्र के रहवासियों में असंतोष पनप रहा था।
अरविंद शीले ने अपने घर के आगे एक फ्लेक्स लगवा दिया था, जिस पर उन्होंने लिखा था कि यहां रहने में बहुत समस्याएं हैं...! इसको उन्होंने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया था, जिसके बाद तेजी से कार्रवाई हुई और रहवासियों की समस्या का ताबड़तोड़ समाधान कर दिया गया।
भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट