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New Year 2026: बदलेगी सुल्तानिया अस्पताल की पहचान, रोबोटिक सर्जरी से लेकर सभी सुविधा, बिना AC रहेगा ठंडा

Wed, 31 Dec 2025 08:28 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल का सुल्तानिया अस्पताल वर्ष 2026 से एक हाईटेक मल्टी स्पेशलिटी सरकारी अस्पताल के रूप में नई पहचान बनाएगा। 136 करोड़ रुपये की लागत से बन रही पर्यावरण-अनुकूल इमारत बिना एसी के भी ठंडी रहेगी, जिसमें केवल आईसीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में एयर कंडीशनिंग होगी। 
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सुल्तानिया अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल का सुल्तानिया अस्पताल अब इतिहास और आधुनिकता का अनोखा संगम बनने जा रहा है। वर्ष 2026 से यहां मरीजों को ऐसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, जो अब तक केवल निजी सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों तक सीमित थीं। 136 करोड़ रुपये की लागत से बन रही नई इमारत के शुरू होते ही सुल्तानिया अस्पताल की पहचान एक हाईटेक मल्टी स्पेशलिटी सरकारी अस्पताल के रूप में होगी। नई बिल्डिंग को पर्यावरण-अनुकूल तकनीक पर तैयार किया जा रहा है। खास डिजाइन के चलते यह भवन बिना एयर कंडीशनर के भी ठंडा रहेगा। बिल्डिंग का स्ट्रक्चर अंग्रेजी के ‘I’ आकार में बनाया गया है, ताकि प्राकृतिक रोशनी और हवा का अधिकतम उपयोग हो सके। कंपनी का दावा है कि सामान्य वार्ड और अन्य हिस्सों में AC की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे बिजली की बड़ी बचत होगी। केवल ICU और संवेदनशील चिकित्सा क्षेत्रों में ही एयर कंडीशनिंग रहेगी।
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 रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी
इस अस्पताल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह मध्यप्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां रोबोट की मदद से ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके साथ ही मिनिमल इनवेसिव सर्जरी, स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम और आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं भी मिलेंगी। अस्पताल परिसर को पूरी तरह आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी ब्लॉक अलग-अलग होंगे, ताकि मरीजों को भीड़ और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन के साथ अलग पार्किंग व्यवस्था भी रहेगी।

पहले चरण में 2026 तक शुरू होंगी प्रमुख सुविधाएं
निर्माण का पहला चरण अगस्त 2026 तक पूरा होने की संभावना है। इसी चरण में जच्चा-बच्चा सेवाओं को नई ऊंचाई मिलेगी। मेटरनिटी विंग में गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी से एक सप्ताह पहले भर्ती करने की सुविधा होगी। लेबर रूम, सोनोग्राफी और ब्लड जांच जैसी सभी सेवाएं एक ही विंग में उपलब्ध रहेंगी।
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बनाया जा रहा अलग पीडियाट्रिक विंग
बच्चों के इलाज के लिए अलग पीडियाट्रिक विंग बनाया जा रहा है, जिसमें नियोनेटल ICU, PICU, टीकाकरण केंद्र और बच्चों के लिए प्ले एरिया शामिल होगा। यहां 51 बच्चों के इलाज और देखभाल की व्यवस्था होगी। वहीं 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के लिए विशेष जिरिएट्रिक यूनिट बनाई जा रही है, जहां बुजुर्गों के लिए डे-केयर और विशेष वार्ड की सुविधा मिलेगी।

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दूसरे चरण में शुरू होंगी सुपर स्पेशलिटी सेवाएं
निर्माण के दूसरे चरण में अस्पताल में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, डर्मेटोलॉजी और कैंसर जैसी सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू की जाएंगी। इन विभागों के लिए भवन में पहले से जगह निर्धारित कर दी गई है। अस्पताल परिसर में 180 चारपहिया वाहनों की पार्किंग के साथ स्टाफ के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था भी होगी।
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नाम वही, पहचान नई
इतिहास से जुड़ा सुल्तानिया अस्पताल अपना नाम नहीं बदलेगा, लेकिन इसकी पहचान पूरी तरह नई होगी। एमपी बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा तैयार की जा रही यह बिल्डिंग भविष्य में ‘सुल्तानिया मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ के रूप में जानी जाएगी। नए साल 2026 से राजधानी के मरीजों को यहां अत्याधुनिक, सुलभ और विश्वस्तरीय सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं मिलने लगेंगी।


 
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