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भोपाल में निगम का एक्शन: रिहायशी इलाकों में चल रहे कारोबार पर ताले, 200 से ज्यादा व्यापारियों ने खुद किया बंद

Sat, 01 Aug 2026 07:28 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भोपाल नगर निगम ने रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे व्यवसायों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुरू कर दिया है। पहले दिन टैटू स्टूडियो, स्किन क्लीनिक और होटल को सील किया गया, जबकि 200 से अधिक व्यापारियों ने खुद ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
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कार्रवाई करने पहुंची निगम की टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भोपाल नगर निगम ने रिहायशी इलाकों में नियमों के विरुद्ध चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को रोहित नगर से कार्रवाई की शुरुआत करते हुए निगम ने टैटू स्टूडियो, स्किन क्लीनिक और एक होटल को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान शहर के कई इलाकों में व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद कर दिए।
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200 से ज्यादा व्यापारियों ने खुद बंद किया कारोबार
नगर निगम की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही रोहित नगर, बावड़ियाकलां और अरेरा कॉलोनी के 200 से अधिक व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों की व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दीं। कई दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर बोर्ड लगा दिए गए, जिन पर लिखा था कि नगर निगम के आदेश के पालन में व्यवसाय बंद किया गया है।
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रोहित नगर से शुरू हुई सीलिंग
पहली कार्रवाई रोहित नगर के रुद्राक्ष स्क्वायर में की गई, जहां एक टैटू स्टूडियो और स्किन क्लीनिक को सील किया गया। इसके बाद सलैया स्थित आकृति इको सिटी में होटल राजमहल पर भी सीलिंग की कार्रवाई हुई। निगम अधिकारियों ने बताया कि रोहित नगर फेज-2,बावड़ियाकलां और अन्य चिन्हित रिहायशी क्षेत्रों में भी अभियान लगातार जारी रहेगा।

100 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में चला अभियान
कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नगर निगम के अतिक्रमण अमले के साथ करीब 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पूरे अभियान के दौरान पुलिस और निगम की टीम संयुक्त रूप से कार्रवाई करती रही।

भाजपा नेता ने किया विरोध
बावड़ियाकलां में एक टैटू स्टूडियो को सील करने के दौरान भाजपा पार्षद शीला पाटीदार के पति एवं पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार ने कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने निगम अधिकारियों से बहस करते हुए कहा कि व्यापारियों को नोटिस देकर असमंजस की स्थिति में छोड़ दिया गया है। बाद में जोन प्रभारी नीलेश श्रीवास्तव ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया और करीब तीन घंटे तक कार्रवाई जारी रही।

1,018 नोटिस, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम अब तक शहरभर में रिहायशी भवनों से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 1,018 नोटिस जारी कर चुका है। इनमें सबसे अधिक 429 नोटिस अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां क्षेत्र में दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया, उनके प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा।

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4 अगस्त तक दुकानें बंद रखने की अपील
व्यापारी संगठनों ने होटल, रेस्तरां, शोरूम और अन्य कारोबारियों से 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई तक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है। हालांकि निगम अधिकारियों ने बताया कि कुछ व्यापारियों ने टीम के जाने के बाद फिर से दुकानें खोल लीं। नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता ने कहा कि पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार की जा रही है। सभी भवन मालिकों को नियमानुसार पहले ही नोटिस दिए गए थे। उन्होंने बताया कि अधिकांश व्यापारियों ने स्वेच्छा से व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दीं, जबकि नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई।
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अरेरा कॉलोनी में कार्रवाई नहीं होने पर सवाल
सबसे ज्यादा सवाल अरेरा कॉलोनी को लेकर उठे, जहां बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बावजूद शनिवार को कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब रोहित नगर और बावड़ियाकलां में कार्रवाई हो सकती है तो अरेरा कॉलोनी को क्यों छोड़ा गया।

शिकायतकर्ता बोले- सिर्फ औपचारिकता निभाई गई
मामले के शिकायतकर्ता विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि निगम की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित रही। उनका कहना है कि अधिकांश व्यापारियों से केवल दुकानें बंद करवाई गईं, जबकि वास्तविक सीलिंग बहुत कम जगहों पर हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं की गई। त्रिपाठी ने कहा कि वह वर्ष 2021-22 से इस मामले को उठा रहे हैं और अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में समान कार्रवाई का मुद्दा उठाएंगे।
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