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कल से निकायों में शुरू होगा मुखर्जी पखवाड़ा: युवा संवाद से लेकर रक्तदान तक होंगे आयोजन, सीएम ने दिए कई निर्देश

Mon, 22 Jun 2026 06:10 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में 23 जून से 6 जुलाई तक विशेष जनजागरण अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महापौरों और नगरपालिका अध्यक्षों को पौधरोपण, रक्तदान, स्वच्छता अभियान, युवा सम्मेलन और विचार गोष्ठियों के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी है।

 
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सीएम डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश के नगर निगमों और नगर पालिकाओं में अगले दो सप्ताह तक राष्ट्रवाद, जनसेवा और युवा जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों की श्रृंखला देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष के अवसर पर 23 जून से 6 जुलाई तक विशेष पखवाड़ा मनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महापौरों और नगरपालिका अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम न होकर जनभागीदारी और जनसेवा का अभियान बने।
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युवाओं को जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस
पखवाड़े के दौरान युवा सम्मेलन, निबंध प्रतियोगिता, संवाद कार्यक्रम और विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता के विचारों से जोड़ने के लिए ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं।

सड़कों और उद्यानों को मिल सकता है मुखर्जी का नाम
नगरीय निकायों को यह भी सुझाव दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर मार्गों, चौराहों और उद्यानों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की पहल करें। इससे उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
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पौधरोपण से रक्तदान तक होंगे जनसेवा के कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पखवाड़े के दौरान पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर और अन्य सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं बल्कि समाज के लिए उपयोगी कार्य करना होना चाहिए।

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राष्ट्रीय एकता के प्रतीक बताए मुखर्जी
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहा। जम्मू-कश्मीर में विशेष व्यवस्था के विरोध को लेकर उनका संघर्ष और 23 जून 1953 को हुआ निधन राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रहित के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
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6 जुलाई को होगा पखवाड़े का समापन
23 जून को पुण्यतिथि से शुरू होने वाला यह विशेष अभियान 6 जुलाई को जयंती के अवसर पर समाप्त होगा। इस दौरान प्रदेशभर के नगरीय निकायों में श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी आयोजन निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक अनुमतियों के साथ किए जाएं, ताकि यह अभियान जनभागीदारी का प्रभावी माध्यम बन सके।
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