मध्य प्रदेश में बारिश लगभग थम सी गई है। तापमान में भी अच्छा-खासा उछाल हुआ है। संभावना जताई जा रही है कि अगले 48 घंटे बाद फिर मौसम में बदलाव आ सकता है। वर्षा की गतिविधि बढ़ने की संभावना बन रही है। हालांकि बारिश का दौर थमने से थोड़ी राहत है, क्योंकि प्रदेश में कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट बता रही है कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उज्जैन संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर, भोपाल एवं इंदौर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर तथा रीवा, जबलपुर, शहडोल, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। घनसौर में तीन, ठीकरी, चाचरीयापाटा, गौगांवा में 2, उमरेह, कट्ठीवाड़ा, पुनासाडैम, तिरला में 1 सेंटीमीटर तक पानी गिरा है।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि शहडोल, रीवा, जबलपुर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल, चंबल, ग्वालियर एवं सागर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। विभाग ने यलो अलर्ट भी जारी किया है, जो बता रहा है कि इंदौर. उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वज्रपात होने की आशंका है। मौसम विभाग का दृष्टिकोण कहता है कि पूर्वी मप्र में वर्षा की गतिविधियों में 20 और 21 अगस्त को बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो बारिश की गतिविधियां कम होने से पारे में अच्छा-खासा उछाल देखा गया। पश्चिमी हिस्से में 5.6 डिग्री तक अधिकतम तापमान बढ़ा है। पूर्वी हिस्से में भी 3.6 डिग्री तक की बढ़त दर्ज की गई। रात के तापमान में मामूली बढ़त रही। प्रदेश में सबसे गर्म सीधी रहा, दिन और रात में सबसे अधिक तापमान रहा। यहां दिन का तापमान 34.8 डिग्री तक दर्ज किया गया और रात का पारा 26.6 डिग्री तापमान रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में मानसून की गतिविधि फिलहाल थम गई हैं। कोई भी सिस्टम प्रभाव नहीं डाल रहा है। उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र जरूर बन रहा है। शुक्रवार को यह गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदस सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से शुक्रवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल संभागों के जिलों में वर्षा होने लगेगी। शनिवार को राजधानी सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।