मध्य प्रदेश में पिछले सात दिनों से कहीं भी भारी या अति भारी बारिश नहीं हुई है। इसका असर अब बारिश के आंकड़ों पर साफ दिखने लगा है। प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी (करीब 9.5 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक सामान्य औसत 270.3 मिमी (करीब 10.6 इंच) होना चाहिए था। यानी प्रदेश फिलहाल 11 फीसदी बारिश के घाटे में है।
सबसे ज्यादा चिंता पूर्वी मध्य प्रदेश की है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग सहित 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
19 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके साथ बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मध्य प्रदेश में मानसून फिर जोर पकड़ सकता है। यदि मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
आज इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
गुरुवार को इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश और तेज हवा चल सकती है। वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।
पूर्वी हिस्से में ज्यादा संकट
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसतन 2 फीसदी अधिक वर्षा हुई है। लगातार कम बारिश से खेती और जल स्रोतों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
जुलाई पर टिकी उम्मीद
प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच मानी जाती है और इसमें अकेले जुलाई का योगदान करीब 40 फीसदी रहता है। इसलिए अगले कुछ दिनों में यदि तेज बारिश होती है तो बारिश का मौजूदा घाटा काफी हद तक कम हो सकता है।
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देवास सबसे आगे, अलीराजपुर सबसे पीछे
अब तक सबसे ज्यादा बारिश देवास जिले में हुई है, जहां सामान्य से 102 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यहां करीब 18 इंच पानी गिर चुका है। हरदा में 15 इंच, इंदौर और सीहोर में लगभग 14 इंच तथा भोपाल में 13.1 इंच बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर अलीराजपुर सबसे पीछे है, जहां अब तक केवल करीब सवा दो इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से 74 फीसदी कम है।