मध्यप्रदेश में मानसून 21 जून को पहुंचा। जबकि मानसून पहुंचने का समय 15 जून माना जाता है। इस हिसाब से प्रदेश में मानसून छह दिन लेट है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जून में पांच इंच बारिश होती है। जबकि इस बार साढ़े चार इंच बारिश हुई। यानी प्रदेश में 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई में ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर-ग्वालियर समेत 31 में से 21 जिलों में दो से 63 प्रतिशत अधिक बारिश हो गई। दूसरी ओर पूर्वी हिस्से के जबलपुर-रीवा समेत 23 जिलों में से 19 में 72 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। भोपाल में जून में ही 63 प्रतिशत से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई में बारिश की अनुकूल परिस्थितियां हैं। तीन जुलाई से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है।
जून महीने में भोपाल में 63 प्रतिशत ज्यादा हुई बारिश
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजधानी भोपाल में अभी तक 63 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। जानकारी के लिए बता दें कि भोपाल में एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। जो कि 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इस बार 23 जून को मानसून ने आमद दी।
प्रदेश में जारी रहा बारिश का दौरा, भारी बारिश का अलर्ट
इधर, सोमवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर छिंदवाड़ा, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना, उमरिया, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, खरगोन और उज्जैन में तेज बारिश हुई है। मंडला में सुबह नौ से शाम 5.30 बजे तक 55 मिमी यानी, 2.2 इंच पानी गिर गया। वहीं, सीधी में करीब दो इंच बारिश होगी। रायसेन में सवा इंच, पचमढ़ी-धार में 1-1 इंच बारिश हुई। वहीं, भोपाल में आधा इंच से ज्यादा पानी गिर गया।
मौसम विभाग का तेज बारिश को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग में प्रदेश में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। गुना, रायसेन के सांची और भीमबेटका, विदिशा के उदयगिरि और सागर में आकाशीय बिजली चमकने या गिरने के साथ भारी बारिश की संभावना है। वहीं, भोपाल, शाजापुर, सीहोर, अशोकनगर, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नरसिंहपुर, दमोह और मंडला में मध्यम गरज के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, राजगढ़, बालाघाट, डिंडोरी, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया के रतनगढ़, भिंड, खंडवा, खरगोन के महेश्वर, हरदा, देवास और कटनी में भी बारिश हो सकती है।
अगले पांच दिन तक प्रदेश में भारी बारिश का जारी रहेगा दौर
मौसम विभाग, भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि अगले पांच दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि तीन जुलाई से पूर्वी बंगाल की खाड़ी से बारिश की एक्टिविटी तेज होगी। इससे पूर्वी हिस्से के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। चार जुलाई को कई जिले भीगेंगे। तीन जुलाई से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा। 15 जुलाई तक प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। उन्होंने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से बारिश का दौर चल रहा है। पिछले 24 से 48 घंटे में कई जगहों पर अति भारी बारिश भी हुई है।