मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (mpt) में एक घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में विभाग में ही काम करने वाले कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई। दरअसल, दीपावली पर निगम के कर्मचारियों को बांटी गई मिठाई में हजारों के घोटाला का पता चला है। पर्यटन विकास निगम ने प्रदेश में सभी इकाइयों में अपने कर्मचारियों को दीपावली में मिठाई बांटने के निर्देश जारी किए थे। निगम द्वारा प्रत्येक कर्मचारी को 500 रुपये प्लस जीएसटी राशि की मिठाई बांटने के आदेश जारी किए थे। प्रदेश में पर्यटन निगम की सभी होटलों ने अपने-अपने हिसाब से खरीदी कर बिल लगाए हैं, लेकिन जबलपुर रीजन का मामला कुछ अलग ही सामने आया है। जबलपुर के रीजनल मैनेजर (आरएम) ने पूरी मिठाई खुद ही खरीदी उन्होंने सभी मैनेजर से व्हाट्सएप ग्रुप पर डिमांड पूछी और मिठाई की सप्लाई किराना सप्लाई करने वाले वेंडर से करवा दी, जबकि मिठाई मनोहर डेरी से खरीदी गई। जो मिठाई कर्मचारियों को बांटी गई उसकी कीमत जीएसटी समेत 375 रुपये है, जबकि बिल किराना सप्लायर द्वारा 570 रुपये के लगाए गए हैं। इस मामले की शिकायत प्रबंध संचालक पर्यटन विकास निगम से की गई है। जल्द ही इस पर कार्रवाई हो सकती है। जानकारी के मुताबिक जबलपुर रीजन में निगम के करीब 10 से 12 होटल में 400 से ज्यादा कर्मचारियों को मिठाई बांटी गई। सप्लायर ने चालाकी दिखाते हुए किलो में खरीदी जाने वाली मिठाई की कीमत डिब्बों के हिसाब से लगाई है। इससे यह साबित करना मुश्किल होगा कि मिठाई का वजन कितना था, हालांकि, शिकायतकर्ता ने कर्मचारियों को बांटी गई मिठाई और डिब्बा मनोहर डेरी से ही खरीदा, जिसमें अधिकतम 800 ग्राम मिठाई भरी गई, जिसकी कीमत 375 रुपये है। इसी आधार पर शिकायत की गई है।
आरएम ने दी सफाई, मैनेजर ने कहा ऐसा पहली बार हुआ
एमपीटी के जबलपुर के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा ने अमर उजाला से कहा है कि हमारे पास इतना समय नहीं होता है कि सभी होटल तक मिठाई पहुंचा पाएं। होटल दूर-दूर हैं, इसलिए किराना सप्लायर से मिठाई बांटने को कहा गया। इसका बिल प्रति डिब्बा 570 रुपये का लगाया गया। मिठाई मनोहर डेरी से ही खरीदी गई है। लोगों को गुमराह किया जा रहा है। हर साल ऐसे की मिठाई बांटी जाती है। वहीं, नाम ना छापने की शर्त पर जबलपुर रीजन के एक मैनेजर ने बताया कि यह पहली बार है जब आरएम ने मिठाई खुद खरीदी है। अभी तक बजट के हिसाब से सभी होटल मैनेजर कर्मचारियों को मिठाई बांटते थे। इस बार कर्मचारियों को एक किलो से भी कम मिठाई मिली है, यही कारण है कि कर्मचारी विरोध कर रहे हैं।
सख्त कार्रवाई की जाए : साहू
पर्यटन विकास निगम के कर्मचारी संगठन से जुड़े शिकायतकर्ता भैया लाल साहू ने कहा है कि कर्मचारियों को साल में एक बार मिठाई वितरित की जाती है, उसमें भी अगर हजारों रुपये का भ्रष्टाचार किया जाएगा तो कर्मचारियों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने प्रबंध संचालक टी. इलैया राजा से आग्रह किया है कि इस मामले में जल्द से जल्द जांच कराई जाए और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।