फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP में सरकारी नौकरी के लिए सख्त होंगे नियम, एक से अधिक जीवित पत्नी-पति वाले उम्मीदवार हो सकते हैं अयोग्य

Sat, 06 Jun 2026 11:00 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश सरकार सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए नियमों को और कड़ा करने जा रही है। प्रस्तावित सिविल सेवा नियम-2026 के तहत एक से अधिक जीवित जीवनसाथी रखने वाले, दो से अधिक संतान वाले और नैतिक अधमता से जुड़े अपराधों में दोषी पाए गए व्यक्तियों की नियुक्ति पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश सरकार सरकारी सेवाओं में भर्ती के नियमों को और सख्त बनाने की तैयारी कर रही है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 2026 के प्रारूप में प्रस्ताव किया गया है कि एक से अधिक जीवित जीवनसाथी रखने वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जाएगा। हालांकि विशेष परिस्थितियों में राज्य सरकार को छूट देने का अधिकार रहेगा। विभाग ने मसौदा नियमों पर आमजन, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से 15 जून तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP Weather Today: मानसून से पहले बदला मौसम का मिजाज, आज भी आंधी-बारिश का अलर्ट, कई शहरों में तापमान लुढ़का

दो से अधिक बच्चों पर भर्ती नहीं
मसौदा नियमों में राज्य सरकार ने मौजूदा दो-संतान संबंधी प्रावधान को यथावत रखा है। इसके तहत ऐसे उम्मीदवार सरकारी सेवा के लिए पात्र नहीं होंगे जिनके दो से अधिक जीवित बच्चे हों और उनमें से कोई एक संतान 26 जनवरी 2001 या उसके बाद जन्मी हो। हालांकि, यदि पहली संतान के बाद एक ही प्रसव में एक से अधिक बच्चों का जन्म होता है, तो ऐसे मामलों को इस नियम से छूट दी जाएगी। राज्य सरकार दो-संतान नीति को कैबिनेट के समक्ष लाने पर भी विचार कर रही है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: राज्य वित्त आयोग आज करेगा नर्मदापुरम संभाग की समीक्षा, स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
विज्ञापन


गंभीर अपराधों में दोषी उम्मीदवारों पर भी रोक
प्रस्तावित नियमों के अनुसार नैतिक अधमता (Moral Turpitude) से जुड़े अपराधों में दोषसिद्ध व्यक्तियों को भी सरकारी सेवा में नियुक्ति नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। 

ये भी पढ़ें-  MP Rajya Sabha Election: भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल कल भरेंगे नामांकन

15 जून तक मांगे गए सुझाव
सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि मसौदा नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों के सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद नए सेवा नियम लागू किए जा सकते हैं।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें