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स्पीकर कॉफ्रेंस: MP विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर बोले- समितियों की भूमिका और उपयोगिता बढ़ाना समय की मांग

Mon, 14 Jul 2025 10:39 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को समिति प्रणाली की समीक्षा हेतु गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभाओं की समितियों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
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मध्य प्रदेश विधानसभा में स्पीकर कॉफ्रेंस का आयोजन हुआ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को समिति प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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समितियों की जरूरत और जिम्मेदारी पर जोर
तोमर ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समितियां संसद और विधानसभाओं की निगरानी क्षमता को मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि समिति प्रणाली का मुख्य उद्देश्य विषयों की गहराई से जांच कर सरकार को सुझाव देना है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में 4 वित्तीय समितियों के अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग की समितियां हैं। साथ ही करीब 16 अन्य समितियां भी हैं जो निरीक्षण, अध्ययन और विषयों पर शासन से संवाद करती हैं। तोमर ने कहा कि विधानसभा द्वारा दिए गए निर्देशों, विधानसभा में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन, प्रश्नों के अपूर्ण उत्तर, सदस्यों की सुविधा की दृष्टि से संबंधित विषय एवं अन्य जन उपयोगी विषयों पर समिति अपनी अनुशंसा एवं रिपोर्ट देती है। समितियां विधायी, वित्तीय और प्रशासकीय क्षेत्र में विधायिका के कार्यपालिका पर नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।  

अपने राज्यों की श्रेष्ठ प्रथाओं और अनुभव साझा करें 
तोमर ने कहा कि समितियों को और ज्यादा सक्षम, प्रभावी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी राज्यों से समितियों के कामकाज की जानकारी मंगाई जाए ताकि एक मजबूत और प्रभावी रणनीति बनाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सभी सदस्य अपने-अपने राज्यों की श्रेष्ठ प्रथाओं और अनुभवों को साझा करें और समितियों को अधिक स्वायत्तता देने तथा उनकी अनुशंसाओं को समय पर लागू करने को लेकर सुझाव दें।  तोमर ने उम्मीद जताई कि बैठक में समितियों को दृष्टिगत रखते हुए उपयोगी एवं सुधारात्मक सुझाव आएंगे जो भविष्य में समितियों की दक्षता एवं भूमिका को सुदृढ़ करेंगे। तोमर ने निर्देश दिए कि समिति सदस्यों के अतिरिक्त अन्य राज्यों के विधानमंडलों से भी समितियों की स्थिति एवं कार्यों की जानकारी मंगवाई जाए। सभी राज्यों के विधानमंडलों की समितियों की जानकारी प्राप्त होने से इस दिशा में व्यापकता के साथ भावी रणनीति बनाई जा सकेगी।
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