मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। नामांकन खारिज होने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर मजबूती से उठाया जाएगा।
तीसरे उम्मीदवार को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप
कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामांकन रद्द होने पर कहा, "जब सदस्य संख्या नहीं होने के बावजूद भाजपा ने तीसरा प्रत्याशी उतारा, तभी से हमें यह समझ में आने लगा था कि किस तरह संविधान और लोकतंत्र को कुचलने की राजनीति हो रही है। एसआईआर के जरिए अलग-अलग हथकंडे अपनाकर जो वोट चोरी की जा रही थी, अब राज्यसभा चुनाव और अन्य चुनावों को भी वैसा बनाने की कोशिश हो रही है। एक तरफ ये महिलाओं की बात करते हैं, दूसरी तरफ इन्होंने जिस तरह के हथकंडे अपनाए, पहले सदस्य संख्या न होने के बावजूद उम्मीदवार उतारा, लेकिन जब उन्हें दिखा कि यहां एकता है तो उन्होंने एक कानूनी नोटिस की आड़ में, जिसे संज्ञान में भी लिया गया था, चुनौती दी। हमारे दोनों वकीलों ने सारे पक्ष रखे, लेकिन उन्हें पूरी तरह सुना भी नहीं गया और फैसला आ गया। इससे स्पष्ट है कि उनकी नीति और नीयत क्या है। यह सिर्फ राज्यसभा की सीट की बात नहीं है। सवाल आज की परिस्थितियों का है। सवाल यह है कि लोकतंत्र की जीत होगी या नहीं, भारत का संघीय ढांचा रहेगा या नहीं। यहां जो तानाशाही लाने की कोशिश की जा रही है, उसके खिलाफ हमारी पूरी पार्टी लड़ेगी और हम इस फैसले को चुनौती देंगे।'
चुनाव प्रक्रिया पर कांग्रेस ने उठाए बड़े सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी नामांकन खारिज किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि पार्टी के कानूनी विशेषज्ञों द्वारा उठाए गए सवालों और आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि नामांकन खारिज करने की पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है। उनका आरोप है कि चुनाव अधिकारी, जो विधानसभा सचिव भी हैं, ने भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम किया है। कांग्रेस का दावा है कि नामांकन खारिज करने के पीछे राजनीतिक कारण हैं, जबकि पार्टी इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
ये भी पढ़ें:
कैलाश विजयवर्गीय का दावा- हमें लंबित मामले की जानकारी कांग्रेस से ही मिली
के.सी. बोले- सीट नहीं, लोकतंत्र बचाने की लड़ाई
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हमें कानून व्यवस्था पर विश्वास है। बात सीटों की नहीं, बात लोकतंत्र की है।' उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जोड़कर देख रही है।