हाल ही में कांग्रेस से निष्कासित किए गए कांग्रेस नेता अजय चौरडिया ने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रदेश नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अजय का कहना है कि अनुशासन कमेटी ने उनकी बात सुने बिना उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है। उनका कहना है कि मैंने समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते खुलासा किया है। पार्टी हित में सच्चाई का खुलासा किया, सच्चाई को सामने रखा तो कार्रवाई की गई। अजय का कहना है कि पार्टी के प्रदेश नेता बीजेपी के एजेंट बनकर काम कर रहे हैं।
हंगामा इंदौर में भी
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इंदौर जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचने का मामला भी फिलहाल गर्म है। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय की आगवानी और उनकी खातिरदारी करने वाले जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा और उनके सहयोगियों को प्रदेश कमेटी ने पद से हटा दिया है। इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद ही कटघरे में खड़े दिखाई दे रहे हैं। सुरजीत का कहना है कि उन्होंने पटवारी की अनुमति और स्वीकृति के साथ ही कैलाश को जिला कार्यालय गांधी भवन आने की सहमति दी थी।
युवक कांग्रेस में भी खलबली
निर्वाचित प्रक्रिया से जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए धार के करीम कुरैशी को पिछले दिनों बिना कारण या पूर्व सूचना के पद से हटा दिया गया है। नगर पालिका परिषद में नेता प्रतिपक्ष करीम का यह मामला दिल्ली तक गूंज रहा है। इधर प्रदेश के करीब 7 जिलों के मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले युवक कांग्रेस अध्यक्ष अपने पदों से इस्तीफा देने का मन रहे हैं। 4 अगस्त को पीसीसी में होने बैठक में इस मामले को लेकर हंगामा हो सकता है।
जीतू के नेतृव पर सवाल
विधानसभा चुनाव में अपनी सीट गंवा चुके पीसीसी चीफ जीतू पटवारी लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। इस चुनाव शत प्रतिशत सीटें गंवाने के बाद उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि उनसे नाराज लोगों के समूह लगातार दिल्ली जाकर प्रदेश नेतृत्व परिवर्तन की पुकार लगा रहे हैं।
भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट