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MP News: प्रदेश के जिन 13 नर्सिंग कॉलेजों को सूटेबल बताया, वहां नहीं मिला कोई स्टॉफ; जांच में फिर उठे सवाल

Wed, 12 Jun 2024 01:06 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

No staff in 13 MP Nursing College: प्रदेश के 13 नर्सिंग कॉलेज में कॉउंसिल द्वारा भेजी गई मार्कशीट को रिसीव करने वाला कोई स्टॉफ नहीं मिला। जांच में इन कॉलेजों को सूटेबल बताया गया है। जिसमें एसआर नर्सिंग कालेज होशंगाबाद, अमलतास नर्सिंग कॉलेज देवास, संजीवनी नर्सिंग कॉलेज बड़वानी सूटेबल लिस्ट में शामिल हैं।

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नर्सिंग कॉलेज में कॉउंसिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश नर्सिंग कॉलेजों में हुई गड़बड़ी की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। कॉलेजों में एक के बाद एक भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश के 13 नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग काउंसिल द्वारा मार्कशीट भेजी गई थी, लेकिन इन कॉलेजों में इसे लेने वाला कोई स्टॉफ नहीं मिला। जबकि इनमें से अधिकतर कॉलेजों को सीबीआई ने सूटेबल लिस्ट में शामिल किया है। जिसमें एसआर नर्सिंग कालेज होशंगाबाद, अमलतास नर्सिंग कॉलेज देवास, संजीवनी नर्सिंग कॉलेज बड़वानी सूटेबल लिस्ट में शामिल हैं। 

कॉलेज संचालक नर्सिंग काउंसिल भोपाल हों तलब

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नर्सिंग कॉलेज के घोटाले को उजागर करने वाले एनएसयूआई मेडिकल विंग के रवि परमार ने बताया कि जीएनएम फर्स्ट ईयर की मार्कशीट नर्सिंग काउंसिल द्वारा स्पीड पोस्टकार्ड से भेजी गई थी। लेकिन 13 कॉलेजों में कोई जिम्मेदार अधिकारी मिले ही नहीं। जिसके बाद मार्कशीट वापस नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल भोपाल आगई। नर्सिंग काउंसिल की तरफ से कॉलेज के जिम्मेदारों को निर्देश देते हुए जल्द से जल्द भोपाल आकर मार्कशीट कलेक्ट करने को कहा गया है। 

कॉलेज को सीबीआई का डर, या केवल कागजों पर चल रहे
रवि परमार ने मार्कशीट कलेक्ट नहीं करने के बाद कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। क्या नर्सिंग कॉलेज सिर्फ कागजों में ही संचालित हो रहा है? ऐसा इसलिए क्योंकि नर्सिंग काउंसिल में लिखे कॉलेज के पते पर कोई अधिकारी मिला ही नहीं। लिहाजा मार्कशीट वापस भोपाल आ गई है या सीबीआई जांच के डर से नर्सिंग कालेजों ने अपने पते बदल दिए हैं, जिसकी जानकारी नर्सिंग काउंसिल को भी नहीं दी गई।
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झूठी रिपोर्ट देने वालों की होगी जांच
कागजों में चलने वाले नर्सिंग कॉलेज की ओके रिपोर्ट देने वाले प्रोफेसर जांच के दायरे में है। ग्वालियर के तीन प्रोफेसर ने झूठी रिपोर्ट दी थी। श्योपुर के जेएम कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की फर्जी रिपोर्ट दी गई थी। सत्र 2020-21 के लिए रिपोर्ट दी गई थी। मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की ओर से तीनों प्रोफेसर को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में पूछा गया कि कैसे आपने कॉलेज की रिपोर्ट जारी की। नोटिस में एसोसिएट प्रोफेसर रेजा राजू के, प्रोफेसर नीरज बंसल और प्रोफेसर गिरूह झा के नाम शामिल है। सीबीआई जांच के आधार पर जीएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग श्योपुर को अनसूटेबल श्रेणी में शामिल किया गया है। प्रदेश में 66 नर्सिंग कॉलेज की मान्यता फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है। कॉलेज में निरीक्षण करने वाले कैटेचगरी में आ चुके हैं। जांच में और भी कई बड़े चेहरे के बेनकाब होने की संभावना है।

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