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MP Politics: भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पर सहमति नहीं होने से अटका फैसला, जाने इनसाइड स्टोरी

Mon, 23 Jan 2023 02:52 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल जिले में 7 विधानसभा क्षेत्र में से तीन सीट कांग्रेस के पास है। इसमें विधायक आरिफ मसूद और पीसी शर्मा ही क्षेत्र में सक्रिय रहते थे। आरिफ अकील बीमार होने के चलते कम सक्रिय है। मोनू सक्सेना के नाम पर सहमति बन गई थी, लेकिन मसूद ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कैलाश मिश्रा को ही दोबारा अध्यक्ष बनाने की बात कही।
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Bhopal: मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित हो गई है। इसमें उपाध्यक्ष, महासचिव और शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा की गई है। भोपाल शहर और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पर फैसला नहीं हो सका है। इसका कारण नए अध्यक्ष के नाम पर नेताओं में सहमति नहीं बन पाना है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष तय नहीं होने से ग्रामीण अध्यक्ष का नाम भी फंस गया। अब जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के बाद नामों को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
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कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होने से पहले प्रदेश कार्यकारिणी और जिला समितियां भंग कर दी गई थी। भोपाल शहर कांग्रेस में कैलाश मिश्रा और ग्रामीण में अरुण श्रीवास्तव अध्यक्ष थे। मिश्रा सुरेश पचौरी गुट के है। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह भोपाल शहर में युवा चेहरे को अध्यक्ष पद की कमान सौंपना चाहते है। इसके पीछे कैलाश मिश्रा की कम सक्रियता भी कारण बताई जा रही है। नए अध्यक्ष के लिए पूर्व पार्षद मोनू सक्सेना, पार्षद प्रवीण सक्सेना समेत अन्य नामों पर चर्चा शुरू हुई। वहीं, दिग्विजय सिंह गुट के मोनू सक्सेना का नाम अध्यक्ष के लिए फाइनल भी कर दिया गया, लेकिन जिला जनप्रतिनिधियों और प्रत्याशियों की बैठक में मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक आरिफ मसूद ने उनके नाम पर अपनी आपत्ति जता दी। यही वजह है कि शहर जिला अध्यक्ष के नाम पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका।
 
विधायक ने यह दिया तर्क
भोपाल जिले में 7 विधानसभा क्षेत्र में से तीन सीट कांग्रेस के पास है। इसमें विधायक आरिफ मसूद और पीसी शर्मा ही क्षेत्र में सक्रिय रहते थे। आरिफ अकील बीमार होने के चलते कम सक्रिय है। मोनू सक्सेना के नाम पर सहमति बन गई थी, लेकिन मसूद ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कैलाश मिश्रा को ही दोबारा अध्यक्ष बनाने की बात कही।  सक्सेना के नाम पर आपत्ति जताते हुए मसूद ने तर्क दिया कि नए अध्यक्ष के लिए चुनाव से पहले नए भोपाल और पुराने भोपाल में समन्वय नहीं बैठा पाना मुश्किल होगा। बता दें आरिफ मसूद की मध्य विधानसभा के पांच वार्ड नए भोपाल और आठ वार्ड पुराने भोपाल में आते हैं।  
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इसलिए ग्रामीण अध्यक्ष का नाम भी फंसा
सोशल इंजीनियरिंग के कारण ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष का नाम भी फंस गया। अभी शहर में ब्राह्माण और ग्रामीण में कायस्थ समाज से अध्यक्ष बनाया गया था। सूत्रों का कहना है कि शहर के अध्यक्ष के बाद ही ग्रामीण अध्यक्ष का नाम तय किया जाएगा। ताकि समाजिक तालमेल बैठाया जा सके।
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