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MP News: पानी से जुड़ी शिकायतों को निराकरण में मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता, पुरानी पाइपलाइन चिन्हित होंगी

Sat, 03 Jan 2026 09:23 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश में साफ पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि पानी से जुड़ी सभी शिकायतों का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। पुरानी और लीकेज वाली पाइपलाइनों की पहचान कर समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।
 
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीसी के माध्यम से ली बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पानी से जुड़ी शिकायतों का समाधान अब सर्वोच्च प्राथमिकता पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी नगर निगम महापौरों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों के साथ बैठक कर साफ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों का अमला जनता की सेहत को लेकर पूरी तरह सतर्क रहे। इंदौर में हुई घटना की पुनरावृत्ति प्रदेश के किसी भी शहर में नहीं होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। पानी या अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर फोन या किसी भी माध्यम से शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। नगरीय प्रशासन विभाग ने साफ पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका सख्ती से पालन करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।
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साफ पेयजल के लिए जारी प्रमुख निर्देश
- 20 साल से अधिक पुरानी और सघन आबादी वाली इलाकों की पाइपलाइन की पहचान की जाएगी।
- बार-बार लीकेज होने वाली, नालियों या सीवर के पास से गुजरने वाली पाइपलाइनों को चिन्हित किया जाएगा।
- चिन्हित पाइपलाइन में रिसाव मिलने पर 48 घंटे के भीतर मरम्मत अनिवार्य होगी।
- जल शोधन संयंत्र (WTP) और पानी की टंकियों की 7 दिन के भीतर जांच और सफाई की जाएगी।
- सभी जल शोधन संयंत्रों, जल स्रोतों और टंकियों से तुरंत पानी के नमूने लेकर जांच की जाएगी।
- पानी में गंदगी या प्रदूषण मिलने पर तुरंत सप्लाई रोकी जाएगी और सुरक्षित वैकल्पिक पानी की व्यवस्था होगी।
- क्लोरीनेशन सिस्टम की 24 घंटे निगरानी की जाएगी।
- पाइपलाइन लीकेज की जानकारी देने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- पानी से जुड़ी सभी शिकायतों को इमरजेंसी कैटेगरी में रखा जाएगा।
- दूषित पानी या लीकेज की शिकायतों का 24 से 48 घंटे में समाधान अनिवार्य होगा।
- सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज गंदे पानी और सीवेज से जुड़ी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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