मध्य प्रदेश में लागू की गई नई आबकारी नीति को लेकर जहां एक ओर सरकारी स्तर पर इसे सुधारात्मक बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके जमीन पर क्रियान्वयन को लेकर विरोध तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस विषय पर सोशल मीडिया पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उमा भारती ने लिखा कि वर्ष 2023 में घोषित शराब नीति एक व्यापक सोच के तहत तैयार की गई थी, जो राज्य को धीरे-धीरे शराबबंदी की ओर ले जाने वाली थी।