भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर।
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मध्य प्रदेश के विजयपुर व बुधनी विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में सोमवार शाम पांच बजे प्रचार थम जाएगा। इसके बाद सिर्फ डोर टू डोर प्रचार किया जा सकेगा। इस मौके पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेता प्रचार मैदान में जुटे हुए हैं, जहां दोनों क्षेत्रों में सीधी टक्कर मानी जा रही है। मध्य प्रदेश में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। विजयपुर में भाजपा के वनमंत्री रामनिवास रावत का मुकाबला कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा से है। वहीं, बुधनी में भाजपा के रमाकांत भार्गव का सामना कांग्रेस के राजकुमार पटेल से हो रहा है। प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी विजयपुर और भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ने बुधनी में मोर्चा संभाला हुआ है। इन दोनों सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा और परिणाम 23 नवंबर को आएंगे। दोनों ही राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
क्या हो रहे उपचुनाव
विजयपुर में कांग्रेस के छह बार के विधायक रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्होंनेे अपनी विधानासभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते विजयपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी। वहीं, बुधनी विधानसभा सीट से विधायक पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा चुनाव जीतने के बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते बुधनी की सीट खाली हो गई थी। यही वजह है कि दोनों ही सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं।
चुनाव आयोगी की तैयारी पूरी
विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीट पर 13 नवंबर को मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग ने तैयारी पूरी कर ली है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। चुनाव आयोग ने प्रशासन और पुलिस को मतदान निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण कराने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने मतदाताओं को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मतदान करने की अपील की है।
कांग्रेस का फोकस विजयपुर पर
कांग्रेस के नेताओं ने विजयपुर उपचुनाव जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। चुनाव प्रचार थमने के बाद कांग्रेस नेता विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से सटी सीमा पर मौजूद रहेंगे। दरअसल कांग्रेस नेताओं को चुनाव में गड़बड़ी की आशंका है। दरअसल कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को हटाने की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी शिकायत को खारिज कर दिया था। अब मतदान के दिन कांग्रेस के नेताओं ने विजयपुर के आसपास की विधानसभा में मौजूद रहने की रणनीति बनाई है।