मध्य प्रदेश में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन इससे पहले ही प्रदेश के नेताओं में जुबानी जंग तेज हो गई है। गुरुवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा, 'न खाता न बही, जो कमलनाथ कहें वही सही।' गृहमंत्री मिश्रा ने कहा, 'पिता-पुत्र (कमलनाथ व नकुलनाथ) का कांग्रेसियों के साथ का कसम खाने वाला वीडियो मैंने देखा। पापा जी मुख्यमंत्री और बेटा जी सांसद तय हो गया। वाकई, प्रदेश में कांग्रेस की गद्दी पर एक उद्योगपति क्या बैठा, लोकतंत्र का ही कबाड़ा हो गया। न संसदीय दल की बोर्ड बैठक और न विधायक दल की बैठक की जरूरत। न खाता न बही, जो कमलनाथ कहें वही सही।' इससे पहले मध्य प्रदेश नई शराब नीति को लेकर बुधवार को कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा था। कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश की छवि बदलकर मदिरा प्रदेश कर दी है। यहां राशन महंगा और शराब सस्ती है। सरकार को विकास यात्रा की जगह हिसाब यात्रा निकालनी चाहिए। इधर ग्वालियर में गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब कमलनाथ की सरकार थी तब वे घर-घर शराब पहुंचाने के लिए होम डिलीवरी करवाने शुरू करवाने के लिए प्रयासरत थे। इसलिए अब उन्हें तो शराब पॉलिसी पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने नर्मदा किनारे की 64 शराब दुकानों को एक साथ बंद करने के आदेश जारी किए। इतना ही नहीं प्रदेश भर में शराब दुकान के बगल में चलने वाले अहाते भी बंद करा कर लोगों को शराबखोरी से विमुक्त करने की पहल की है। गृहमंत्री ने कहा कि बीते 10 सालों में शिवराज सिंह की सरकार द्वारा शराब की एक भी दुकान नहीं खोली गई है । उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने बेरोजगारों को भत्ता देने की बात कही थी, किसानों का कर्जा माफ करने की बात कही थी लेकिन इन वादों का क्या हुआ इस पर वो कोई बात नहीं करते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री एक दिन में तीन तीन स्थानों का दौरा करते हैं जबकि कमलनाथ का दौरा सिर्फ छिंदवाड़ा तक सीमित रहता है। इसलिए इस साल के अंत में होने वाले चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा ।