मध्य प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन गैंबलिंग को रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। टॉस्क फोर्स ने नए जुआ एक्ट 2023 का प्रथम ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। टॉस्क फोर्स अपनी अनुशंसाएं 15 मई को सरकार को भेज देगा। इसके बाद सरकार आगे का निर्णय लेंगी।
प्रदेश में सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1876 लागू है। इसमें ऑनलाइन गैंबलिंग के खिलाफ पर्याप्त प्रावधान शामिल किए जाएंगे। दरअसल गेमिंग कंपनियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की हिस्सेदारी बढ़ाने में जुटी हुई है। लोगों को गेम के जरिए मोटी रकम जीतने का दावा करती है। ऐसे में गैंबलिंग, ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा मिलने की आशंका के चलते राज्य सरकार सख्त कदम उठा रही है।
इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जुआ अधिनियम 1876 में संशोधन का एलान किया था। इसके लिए अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की मंत्रालय में गुरुवार को बैठक हुई। डॉ. राजौरा ने निर्देशित किया कि एक्ट को और अधिक रिफाइन करें। स्पेशल डीजी सीआईडी, डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, सेक्रेटरी लॉ, सेक्रेटरी होम सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में 1876 के अधिनयम को नवीन सार्वजनिक जुआ अधिनियम 2023 (ऑनलाइन गैंबलिंग के विरुद्ध प्रावधानों सहित) तैयार करने की दिशा में चर्चा की गई। अब अगली बैठक 4 मई 2023 को रखी गई है। इसमें नवीन अधिनियम को के प्रारूप को राज्य सरकार को अनुशंसा करने के लिए अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद टास्क फोर्स द्वारा अपनी अनुशंसाएं 15 मई को सरकार को प्रस्तुत कर दी जाएगी।
अभी सार्वजनिक जगह पर जुआ घर चलाने में एक साल की सजा और पांच सौ रुपए जुर्माने का प्रावधान है। अब नए प्रावधान में इसमें तीन साल की सजा और 10 हजार रुपए तक जुर्माना किया जा सकता है। नए प्रावधान के लिए टास्क फोर्स अलग-अलग राज्यों के एक्ट का अध्ययन कर रही है।