कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भोपाल में कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कानून, शिक्षा, स्वास्थ्य, नीट परीक्षा और मंदिरों के संसाधनों के उपयोग सहित कई समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर प्रभावी नीति बनाई जानी चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या कानून लागू नहीं होने तक हर हिंदू चार बच्चे पैदा करें। उन्होंने कहा कि मंदिरों में आने वाले संसाधनों का उपयोग समाज कल्याण के कार्यों में किया जा सकता है। यदि इन संसाधनों से अस्पताल, शिक्षा संस्थान और अन्य जनहितकारी सुविधाएं विकसित हों तो समाज के जरूरतमंद वर्गों को बड़ा लाभ मिल सकता है।
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परीक्षा निष्पक्ष व पारदर्शी हो
नीट परीक्षा और पेपर लीक से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि युवा लंबे समय तक मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस दौर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
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अच्छी शिक्षा व स्वास्थ्य जरूरी
सरकारी योजनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हर नागरिक को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और इलाज तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन परंपराओं और धार्मिक संस्थाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए एक संगठित व्यवस्था की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।