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MP News: बेटा ही निकला वृद्ध मां का हत्यारा, भाई की मौत पर मिले मुआवजे का पैसा नहीं देने पर मार डाला

Thu, 06 Jun 2024 10:32 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब चार-पांच साल पहले उसके भाई सरवन राजपूत की हादसे में मौत हो चुकी थी, इसका मुआवजा मां को मिला था। कुबेर सिंह इसी मुआवजे की रकम अपनी मां से मांगता रहता था, लेकिन मां ने रुपये देने से इंकार कर दिया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के बैरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम मेघरा कलां में हुई वृद्धा की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मामले में मृतका के बेटे को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुछ साल पहले आरोपी के भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मुआवजे के तौर पर मां को पैसे मिले थे, जिसे आरोपी मांग रहा था। पैसे नहीं देने पर बेटे ने मां की हत्या कर दी और बाद में शव को ले जाकर कुएं में फेंक दिया था। जानकारी के अनुसार लक्ष्मीबाई राजपूत पत्नी स्वर्गीय अनारसिंह राजपूत (62) ग्राम मेघरा कलां बैरसिया में रहती थी। परिवार में उसे दो बेटे थे, जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। दिव्यांग होने के कारण लक्ष्मीबाई घर पर रहती थी। बीती एक जून को लक्ष्मीबाई घर से गायब हो गई थी। तलाश करने के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला तो परिजनों ने तीन जून को थाने जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 
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चार जून को कुएं में मिली थी लाश
अगले दिन गांव के दीपक सिंह राजपूत ने महिला की लाश मोहर सिंह पटेल के कुएं में उतराते हुए देखी। इसके बाद ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव बाहर निकाला तो मृतका की पहचान लक्ष्मीबाई के रूप में हुई। घटनास्थल का निरीक्षण करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर खुलासा हुआ कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई है। महिला के घर की तलाशी ली तो पता चला कि जिस प्रकार की दुर्गंध घटनास्थल पर थी, वैसी ही दुर्गंध महिला के कमरे से भी आ रही थी। पुलिस ने महिला के बेटे कुबेर सिंह राजपूत (27) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने मां की हत्या करना स्वीकार कर लिया। 

घर में गला दबाकर की थी हत्या
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब चार-पांच साल पहले उसके भाई सरवन राजपूत की हादसे में मौत हो चुकी थी, इसका मुआवजा मां को मिला था। कुबेर सिंह इसी मुआवजे की रकम अपनी मां से मांगता रहता था, लेकिन मां ने रुपये देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद उसने मां की हत्या की योजना बनाई। एक जून की रात को कुबेर ने मां लक्ष्मीबाई की उसके ही कमरे में गला दबाकर हत्या कर दी। अगले दिन रात दो से तीन बजे के बीच वह शव को साड़ी से हाथ-पैर बांधकर घसीटकर कुएं के पास लेकर गया और कुएं में फेंक दिया। दिव्यांग होने के कारण घसीटने के दौरान लक्ष्मीबाई का बायां हाथ टूटकर अलग हो गया था, जिसे बेटे ने पास के दूसरे कुएं में फेंक दिया था। पुलिस टूटा हुआ हाथ भी बरामद कर लिया है।
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