मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना का मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुभारंभ कर दिया है। भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने एक युवक का पोर्टल पर स्वयं पंजीयन कर दोपहर 1 बजे योजना का शुभारंभ किया है। इसके बाद 6 घंटे में पोर्टल पर 5311 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कर लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेरोजगार युवक-युवतियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे प्यारे बेटे-बेटियों, मेरे और आपके रिश्ते प्यार के रिश्ते हैं। आई लव यू। प्रदेश के युवाओं को बेहतर भविष्य मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैं भी लगा हूं। बेहतर शिक्षा कैसे मिल इसके प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने के लिए हमने मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना शुरू की है। यह योजना बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ रोजगार और स्वरोजगार के लिए बहुत कारगर साबित होगी। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना प्रदेश के युवाओं को जिंदगी की उड़ान भरने में पंख का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मैं एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती कर रहा हूं, लेकिन सबको सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है। ऐसे में हमने उद्यम क्रांति योजना लाई, स्वयं के उद्योग लगाओ, स्टार्टअप शुरू करो। हमने शिक्षा विभाग में कर्मी कल्चर खत्म किया। शिक्षकों का वेतन बढ़ाया, शिक्षा बेहतर की। हमने लैपटाप दिए, लेकिन जब मामा नहीं था, तो लैपटाप छिन गए थे।
योग्यता के अनुसार सभी को काम दिलाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 15 लाख 42 हजार 550 करोड़ का निवेश लाने का कमिटमेंट हुआ है। हम निवेश ला रहे हैं। जब कंपनियां आएंगी, इसके लिए प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता बढ़ेगी। उसके लिए प्रशिक्षित युवाओं को तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना लागू की है। इस योजना के तहत मध्यप्रदेश के साथ 20 राज्यों की कंपनियों ने प्रशिक्षण देने के लिए अपने यहां स्थान रिक्त बताए हैं। मैं फिक्की और सीआईआई से भी बात करूंगा कि वे कंपनियों में प्रदेश के युवाओं के कौशल प्रशिक्षण के लिए स्थान निर्धारित कराएं।
युवाओं ने पूछे सवाल- सीएम बोले- जरूरत पड़ी तो सुधार करेंगे
मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद भी किया है। एक युवक ने इस योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण के लिए कंपनियों में काम करने जाने वालों को वहां कंपनियों में योग्यता अनुसार कार्य देने तथा शोषण जैसी स्थिति को लेकर प्रश्न किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल पर आवेदन करने वाली सभी कंपनियों की जांच-पड़ताल और वेरीफिकेशन के बाद ही अनुमति दी जा रही है। अगर जरूरत पड़ी तो आने वाले दिनों में योजना में सुधार भी किया जाएगा।
यह है युवाओं के लिए पात्रता
योजना में करीब 700 से अधिक कोर्सेस में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में 18 से 29 वर्ष आयु तक के मध्य प्रदेश के स्थानीय निवासी युवा पात्र है। 12वीं पास – 8 हजार प्रतिमाह, आईटीआई उत्तीर्ण – 8500 हजार प्रतिमाह, डिप्लोमा उत्तीर्ण – 9000 हजार प्रतिमाह, ग्रेजुएशन या उच्च उत्तीर्ण – 10 हजार प्रतिमाह।
यह है रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
एमएमएसकेवाय.एमपी.जीओवी इस पर पोर्टल पर समग्र आईडी पर लॉगिन करें। इसमें ध्यान रखना है कि रजिस्ट्रेशन के लिए समग्र में आधार ई-केवायसी जरूरी है। यदि नहीं है तो पोर्टल पर ही समग्र की लिंक दी गई है। इस पर आधार ई-केवायसी करा लें। इसमें 24 घंटे का समय लगता है। इसके बाद पोर्टल की लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज कर आगे बढ़े। समग्र आईडी पर समस्थ जानकारी की जांच कर लें। उसके बाद ईमेल आईडी दर्ज करें। ईमेल आईडी पर प्राप्त ओटीपी को वेरिफाइड करें। इसके बाद सबमिट करे क्लिक करने पर पंजीयन हो जाएगा। पंजीकृत मोबाइल पर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा। दोबारा लॉगिक करें अपने दस्तावेजों को अपलोड करना है। इसके बाद अपनी रूचि के कोर्सेस, मध्य प्रदेश के जिले समेत दूसरे राज्यों में भी प्रशिक्षण को लेकर जानकारी दे सकते है। , योजना का लाभ लेने के लिए – eKYCआवश्यक है, एमपी ऑनलाइन सेंटर पर होगी। ईमेल और फोन नंबर दोनों सक्रिए हों, खाते से आधार कार्ड लिंक हो। करीब 36 हजार 109 वैकेंसी है।