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MP News: एमपी में रॉबिन्सन हेलीकॉप्टर की मदद से पकड़ेंगे काले हिरण, साउथ अफ्रीका की टीम अक्टूबर में आएगी

Mon, 18 Aug 2025 11:27 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश के शाजापुर समेत कई जिलों में काले हिरण और नीलगाय की बढ़ती संख्या से परेशान किसानों को जल्द राहत मिलने वाली है। वन विभाग दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों की मदद से अक्टूबर से इन वन्यजीवों को पकड़कर  दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करेगा।
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काला हिरण (फाइल फोटो)
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में साउथ अफ्रीकी विशेषज्ञ टीम की मदद से ब्लैकबक यानी काले हिरण और नीलगाय को पकड़ा जाएगा। इसके लिए रॉबिन्सन हेलीकॉप्टर को किराए पर लिया जाएगा। शाजापुर से ब्लैकबक को पकड़कर दूसरे अभयारण्यों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस पर काम बरसात के बाद अक्टूबर से शुरू किया जाएगा। दअसल, शाजापुर में काले हिरण की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुभरंजन सेन ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका की टीम बरसात के बाद अक्टूबर में आएगी। हेलीकॉप्टर की मदद से 400 ब्लैकबक और 100 नीलगाय को पकड़ कर बाड़ों में रखा जाएगा। इसके बाद इनको कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य समेत अन्य दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रॉबिन्सन हेलीकॉप्टर को घंटे के हिसाब से किराए पर लिया गया है। इसे कठिन इलाकों में उक्त दोनों वन्य जीवों को काबू में करने के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रति घंटे करीब 2 लाख 80 हजार रुपये भुगतान किया जाएगा। 
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छह सदस्यीय टीम आएगी
दक्षिण अफ्रीका से छह सदस्यीय टीम आधुनिक उपकरणों और एक रॉबिन्सन हेलीकॉप्टर की मदद से काले हिरण को पकड़ने आएगी। साउथ अफ्रीकी टीम के विशेषज्ञों वन विभाग के टीम को भी प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए विभाग की तरफ से तैयारी शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के 35 जिलों में कृष्ण मृग और नीलगाय बड़ी संख्या में हैं। इसमें सबसे ज्यादा शाजापुर में  हैं। जहां काले हिरण की संख्या 5000 से अधिक आंकी गई है। यह अधिकतर खुले इलाके में रहना पसंद करते हैं, इसलिए खेतों में आ जाते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे लंबे समय से किसान भी परेशान हैं। अब वन विभाग ने किसानों की समस्या के लिए समाधान के कदम उठाए हैं।
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