मध्य प्रदेश में साउथ अफ्रीकी विशेषज्ञ टीम की मदद से ब्लैकबक यानी काले हिरण और नीलगाय को पकड़ा जाएगा। इसके लिए रॉबिन्सन हेलीकॉप्टर को किराए पर लिया जाएगा। शाजापुर से ब्लैकबक को पकड़कर दूसरे अभयारण्यों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस पर काम बरसात के बाद अक्टूबर से शुरू किया जाएगा। दअसल, शाजापुर में काले हिरण की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुभरंजन सेन ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका की टीम बरसात के बाद अक्टूबर में आएगी। हेलीकॉप्टर की मदद से 400 ब्लैकबक और 100 नीलगाय को पकड़ कर बाड़ों में रखा जाएगा। इसके बाद इनको कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य समेत अन्य दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रॉबिन्सन हेलीकॉप्टर को घंटे के हिसाब से किराए पर लिया गया है। इसे कठिन इलाकों में उक्त दोनों वन्य जीवों को काबू में करने के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रति घंटे करीब 2 लाख 80 हजार रुपये भुगतान किया जाएगा।