लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी रविवार सुबह पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों में जंगल सफारी के लिए निकले। दो दिनों से मध्यप्रदेश के हिल स्टेशन पर प्रवास कर रहे राहुल गांधी ने प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाया। रविवार सुबह राहुल गांधी का काफिला रविशंकर भवन से रवाना हुआ। जानकारी के अनुसार, जंगल सफारी का कार्यक्रम शनिवार देर रात लगभग 11 बजे तय किया गया था, जिसके बाद रातभर तैयारी की गई। सुबह काफिला पनारपानी गेट पहुंचा, जहां से राहुल गांधी और जीतू पटवारी ने जिप्सी में बैठकर सफारी शुरू की। इस बीच राहुल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची का किया जा रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) असल में “वोट चोरी को छिपाने और उसे संस्थागत रूप देने की प्रक्रिया” है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी एक गंभीर मुद्दा है। अब SIR का उद्देश्य इस चोरी को ढंकना और उसे व्यवस्था का हिस्सा बनाना है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा 4 नवंबर से नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू किया गया है। राहुल गांधी का दावा है कि हरियाणा की तरह मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी वोट चोरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले मैंने हरियाणा पर प्रेजेंटेशन दिया था, जिसमें साफ दिखा कि 25 लाख वोट चोरी हुए, हर आठ में से एक वोट गायब था। डेटा देखने के बाद मुझे पूरा विश्वास है कि यही काम एमपी, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि उनके पास इस संबंध में और भी सबूत हैं जिन्हें धीरे-धीरे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुत विस्तृत जानकारी है, फिलहाल उसका एक छोटा हिस्सा ही सामने रखा गया है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर सीधा हमला करते हुए कहा कि लोकतंत्र और बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान पर हमला हो रहा है। मोदी जी, अमित शाह जी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश जी मिलकर यह कर रहे हैं। इससे देश को बहुत नुकसान हो रहा है, भारत माता आहत हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में आयोजित कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को लेकर पार्टी को अच्छा फीडबैक मिला है।
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जंगल सफारी के लिए सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सफारी दल में पांच जिप्सी और एक फॉरेस्ट कैंपर वाहन शामिल रहा। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) के सहायक संचालक संजीव शर्मा और रेंजर विवेक तिवारी भी दल के साथ मौजूद रहे। पनारपानी गेट से शुरू हुई सफारी में घोड़ानाल, बतकछार, नीमघान और पनारपानी जैसे प्रमुख पॉइंट शामिल थे।
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इससे पहले शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के नव-नियुक्त जिलाध्यक्षों से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसा जीवन जीना चाहिए कि कोई उन्हें ब्लैकमेल न कर सके। राहुल गांधी पचमढ़ी में आयोजित ‘संगठन सृजन अभियान’ शिविर में शामिल हुए, जिसमें प्रदेश के 71 नव नियुक्त जिलाध्यक्ष भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाना है।
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एक कांग्रेस नेता ने बताया कि राहुल जी ने कहा कि हमें बूथ स्तर तक पहुंचना चाहिए, अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ता का सम्मान करना चाहिए और अहंकार को दूर रखकर निरंतर क्षेत्र का भ्रमण करना चाहिए, ताकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जीत सुनिश्चित की जा सके। राहुल गांधी ने शिविर में शामिल जिलाध्यक्षों और उनके परिवारों के साथ भोजन भी किया। इस दौरान उन्होंने कुछ उदाहरण देते हुए कहा कि “जो नेता अनुचित तरीकों से संपत्ति अर्जित करते हैं, वे अंततः सरकार के सामने झुकने को मजबूर हो जाते हैं। हमें सच्चाई और नीतिपरक जीवन अपनाना चाहिए ताकि कोई हमें ब्लैकमेल न कर सके।राहुल गांधी ने शिविर में जिलाध्यक्षों से मिलने से पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, अजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भी चर्चा की।
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अजय सिंह ने बताया कि राहुल गांधी ने संगठनात्मक समन्वय पर बल देते हुए 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करने का आह्वान किया।ज्ञात हो कि कांग्रेस ने दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक कमलनाथ के नेतृत्व में 15 महीने तक प्रदेश में सत्ता संभाली थी। इसके अलावा, पार्टी 2003 से अब तक प्रदेश में सत्ता से बाहर है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को मध्यप्रदेश में एक भी सीट नहीं मिली थी।