मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में एक साल से कम का समय बचा है। इसके पहले राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी तेज कर दी है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता छाती ठोक कर जनता से कहें कि हमारी सरकार बन रही हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने जिला प्रभारी और सह प्रभारियों की शनिवार को बैठक ली। इसमें पीसीसी चीफ ने उनको संबोधित करते हुए कहा कि नया साल 2023 शुरू होने के साथ ही हम लोग चुनावी वर्ष में प्रवेश कर गए हैं। मुझे जिस तरह का फीडबैक पूरे प्रदेश से मिल रहा है, उसे देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता छाती ठोक कर कह सकते हैं कि कांग्रेस की सरकार आ रही है।
कमलनाथ ने कहा कि हम लोग मंडलम और सेक्टर पर पहले से ही काम कर रहे हैं और जल्द ही बूथ प्रभारी और पन्ना प्रभारी की भी नियुक्ति की जाएगी। कमलनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ चुनावी घोषणाएं कर रही है, जिन्हें प्रदेश की जनता अच्छी तरह से समझ गई है। आप सब को जनता के बीच जाना है और संगठन को मजबूत करके यह चुनाव जीतना है। उन्होंने प्रभारियों से कहा कि आप सब की जिम्मेदारी है कि आप संगठन के हर पदाधिकारी और कार्यकर्ता को समुचित जिम्मेदारी दें और उनकी क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करें। बैठक के दौरान सभी जिला प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट श्री कमलनाथ को सौंपी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मध्य प्रदेश प्रभारी पूर्व सांसद जयप्रकाश अग्रवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है और एक-एक कार्यकर्ता और नेता कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस का संगठन मजबूत है और चुनाव से पहले हमें आवश्यकता है कि हम सब एकजुटता और उत्साह से चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। बैठक में जिले के प्रभारियों ने अपने-अपने जिले के बारे में विस्तार से अपनी बात प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को बताई।
मप्र कांग्रेस कमेटी के सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष अभय तिवारी ने प्रभारियों को संबोधित किया और गांव-गांव तक सोशल मीडिया के समुचित उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया। तिवारी ने प्रभारियों को बताया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और कमलनाथ के दौरा कार्यक्रम तथा पार्टी की अन्य गतिविधियों को किस तरह से सरल भाषा और सरलता से समझ में आने वाले वीडियो के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है और शिवराज सरकार की खामियों को जनता के बीच ले जाना है।