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MP News: बिजली कंपनियों के 5000 से ज्यादा संविदा कर्मचारी हो सकेंगे नियमित, अक्टूबर से पहले होगी परीक्षा

Mon, 27 Jul 2026 06:48 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में संविदा पर काम कर रहे 5 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों के लिए नियमित होने का रास्ता खुल गया है। ऊर्जा विभाग की नई योजना के तहत उन्हें ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी और अनुभव के आधार पर बोनस अंक के साथ मेरिट से नियमित पदों पर चयन होगा।
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बिजली कर्मी (सांकेतिक फोटो ) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में संविदा आधार पर काम कर रहे 5000 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों के लिए नियमित होने का रास्ता खुल गया है। ऊर्जा विभाग ने ‘संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना-2026’ लागू की है। इसके तहत पात्र संविदा कर्मचारियों को संबंधित नियमित पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन परीक्षा देनी होगी। परीक्षा में मिले अंकों के साथ संविदा सेवा के अनुभव के आधार पर बोनस अंक जोड़कर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। चयन प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना की खास बात यह है कि पात्र संविदा कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति के लिए सिर्फ एक बार मौका मिलेगा। यानी परीक्षा में प्रदर्शन और अनुभव के बोनस अंकों के आधार पर तैयार मेरिट के जरिए चयन किया जाएगा। इस भर्ती के लिए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को नोडल बनाया गया है। यह कंपनी ही पूरी परीक्षा का आयोजन करेगी। 
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ऊर्जा विभाग के सचिव विशेष गढ़पाले ने बताया कि संविदा कर्मचारियों को परिपत्र के अनुसार परीक्षा पास करने के अनुसार नियमित पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।  

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इन बिजली कंपनियों में काम करने वालों को मिलेगा लाभ
योजना का लाभ राज्य विद्युत मंडल की उत्तरवर्ती बिजली कंपनियों में संविदा पर काम कर रहे पात्र कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी शामिल हैं।
लाइन अटेंडेंट, टेस्टिंग अटेंडेंट, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर सहित अन्य समकक्ष पदों पर काम कर रहे कर्मचारी योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे। योजना लागू करने के लिए संबंधित कंपनियों के प्रबंध संचालकों को अधिकृत किया गया है। वहीं, मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। 

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दो साल की संविदा सेवा जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को स्वीकृति की तारीख तक संबंधित कंपनी में कम से कम दो साल की संविदा सेवा पूरी करना जरूरी होगा। दो संविदा नियुक्तियों के बीच का अंतराल सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा, लेकिन इस अवधि को अनुभव में नहीं जोड़ा जाएगा। यदि किसी कर्मचारी की दोबारा संविदा नियुक्ति हुई है तो बीच की अवधि को हटाकर वास्तविक सेवा अवधि के आधार पर अनुभव की गणना होगी। अनुभव प्रमाण-पत्र कार्यपालन अभियंता या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। 
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अनुभव के मिलेंगे अधिकतम 30 बोनस अंक
नियमित पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र कर्मचारियों की ऑनलाइन परीक्षा होगी। जिन पदों के समकक्ष नियमित पद उपलब्ध होंगे, उन्हीं पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ सेवा अवधि के आधार पर बोनस अंक जोड़कर मेरिट तैयार होगी। 

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आरक्षण नियमों के अनुसार होगा चयन
नियमित नियुक्तियां मध्य प्रदेश सरकार के आरक्षण नियमों के अनुसार की जाएंगी। परीक्षा और अनुभव से मिले बोनस अंकों के आधार पर श्रेणीवार मेरिट सूची तैयार होगी। संविदा कर्मचारियों को आवेदन के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। हालांकि, अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग से कोई अतिरिक्त अंक या लाभ नहीं मिलेगा। विभागीय जांच और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के प्रावधान भी लागू रहेंगे।
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