मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दो वर्ष पूरे होने पर सीएम ने प्रेसवार्ता कर सरकार की उपलब्धि गिनाई। इधर इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए पीसीसी प्रमुख जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो गए, लेकिन हालात बदतर हैं। पत्रकार जो मुद्दे उठाते हैं, वो खबरों में जगह ही नहीं पाते। मेडिकल सिस्टम की अव्यवस्था, बढ़ते कर्ज, जमीन सौदों में गड़बड़ियां, भ्रष्टाचार, बहनों को वादे के मुताबिक राशि न देना, और बहना योजना में हजारों करोड़ की कथित धांधली ये सवाल सरकार को पूछे जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा यह दो साल नहीं, प्रदेश की बरबादी के दो साल हैं।
सौरभ शर्मा की ईंटों से लेकर घोटालों तक सरकार जवाब दे
उमंग सिंघार ने कहा कि साल पूरे होने पर सरकार जश्न मना रही है, लेकिन जनता प्रश्नों के बीच खड़ी है। केंद्र ने कई योजनाओं का फंड रोक दिया, परिवहन और नर्सिंग घोटालों पर सरकार मौन है, और सौरभ शर्मा की सोने की ईंटें किसके पास गईं इसका जवाब भी नहीं दिया जा रहा उन्होंने कटाक्ष किया कि शैंपू का ज्ञान देने वाले मंत्री बताए कि प्याज क्यों सड़कों पर फेंकी जा रही है? कैलाश विजयवर्गीय दो साल में मास्टर प्लान तक तैयार नहीं कर पाए। धारा 16 में जमीनों के नाम पर गड़बड़ी किसकी मिलीभगत से हुई?
22 साल का शासन क्या मिला प्रदेश को?
उमंग सिंघार ने कहा कि 22 साल से प्रदेश में बीजेपी राज कर रही है, और बात सिर्फ दो साल की करते हैं, यह जनता को भ्रम में रखने जैसा है। उन्होंने विधानसभा सत्र की अनियमितताओं, लाइव प्रसारण बंद रखने, कुपोषण बढ़ने, बेरोजगारी में वृद्धि और किसानों को राहत न मिलने जैसे मुद्दे उठाए। सिंघार ने कहा कुपोषित बच्चे बढ़े हैं, शिशु मृत्यु दर 169 प्रति एक लाख है यह सरकार की नाकामी है।
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बेरोजगारी, महंगी बिजली और शराब नीति पर भी निशाना
उमंग सिंघार ने कहा कि 25 लाख से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं। सरकार जनता के टैक्स से जश्न मना रही है जबकि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। मेट्रो का सिर्फ दिखावटी ट्रायल कर करोड़ों खर्च कर दिए। 27% आरक्षण पर सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष ही नहीं रख सकी। बिजली पूरे देश में सबसे महंगी मध्य प्रदेश में मिल रही है। जनता की जेब खाली और कंपनियों की तिजोरियां भरी जा रही हैं।
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शराब नीति को लेकर भी सवाल उठाए
उन्होंने शराब नीति को लेकर भी सवाल उठाए पूरे प्रदेश में गली-गली शराब बिक रही है। उज्जैन में शराब बिक्री पर सवाल उठता है तो सरकार मौन हो जाती है। उज्जैन से गुजरात शराब भेजी जा रही है, इसका जवाब कौन देगा? अंत में उन्होंने कहा सरकार 2 साल की बात कर रही है, लेकिन जनता 22 साल का हिसाब चाहती है।