छतरपुर में पदस्थ निशा बांगरे ने डिप्टी कलेक्टर पद से इस्तीफा दिया था
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छतरपुर के लवकुश नगर में एसडीएम के पद पर पदस्थ डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का इस्तीफा शासन ने नामंजूर कर दिया है। इसका कारण जांच होने को बताया गया है। अब बांगरे दोबारा कोर्ट जाएंगी। बांगरे ने सर्वधर्म शांति सम्मेलन में शामिल नहीं होने की अनुमति नहीं देने पर इस्तीफा दे दिया था। अब शासन के इस्तीफा अमान्य करने पर बांगरे दोबारा कोर्ट जाएंगी।
निशा बांगरे ने आमला में अपने नवनिर्मित घर के गृहप्रवेश कार्यक्रम और सर्वधर्म शांति सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होने के अनुमति मांगी थी। उनको सामान्य प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद बांगरे ने 22 जून को सामान्य प्रशासन विभाग को अपना इस्तीफा भेज दिया था। साथ ही बांगरे ने सरकार पर पिछली तारीखों में नोटिस जारी करने का आरोप लगाया था। अब सामान्य प्रशासन विभाग ने जांच का हवाला देकर उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। शासन ने डिप्टी कलेक्टर पर शासन के निर्देशों का पालन ना करने और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया। इससे पहले बांगरे इस्तीफे पर कोई निर्णय नहीं करने को लेकर कोर्ट गई थीं, जिस पर कोर्ट ने शासन को 30 दिन में निर्णय लेने का समय दिया था। इसके बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग ने इस्तीफा नामंजूर करने का आदेश जारी किया है। वहीं, इस मामले में निशा बांगरे ने कहा कि वे शासन के आदेश को कोर्ट में चैलेंज करेंगी।
आमला से चुनाव लड़ने की अटकलें
बता दें डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के बैतूल जिले के आमला से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इससे पहले बांगरे ने राजनीतिक पार्टियों के सर्वे में उनका नाम आने के बारे में जानकारी दी थी। हालांकि वे खुद चुनाव लड़ने को लेकर अभी इंकार कर रही हैं।