मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार देश में सर्वाधिक 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी कर रही है। इसमें 175 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस शामिल है। यह दर पंजाब और हरियाणा जैसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों से भी अधिक है। मुख्यमंत्री मंत्रालय में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 अप्रैल तक स्लॉट बुकिंग कर चुके किसानों से 5 मई तक उपार्जन कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
डॉ. यादव ने राशन कार्डधारकों की ई-केवायसी शीघ्र कराने, राशन वितरण में किसी प्रकार की त्रुटि न होने देने और पात्र परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जवला योजना, गैस पाइपलाइन वितरण सहित जनकल्याण योजनाओं को संवेदनशीलता और तत्परता से क्रियान्वित करने की बात कही। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि उपार्जित अनाज के बोरे और वेयरहाउस अब क्यूआर कोड युक्त होंगे और इनकी निगरानी के लिए कंट्रोल कमांड सेंटर भोपाल में बनाया जा रहा है। साथ ही, गोदामों का आधुनिकीकरण और बीमा सुरक्षा भी की जा रही है।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1.31 करोड़ परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन वितरित किया जा रहा है। साथ ही, जन पोषण केंद्रों की स्थापना इंदौर, उज्जैन और सागर में की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और जरूरतमंदों तक सरकार की योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचना चाहिए, यही सरकार की प्राथमिकता है।