यह मिलेगी सुविधा
अब मकान, दुकान और जमीन खरीदने वाले किसी भी ऑनलाइन पोर्टल से कियोस्क, सर्विस प्रोवाइडर या विदेश से या प्रदेश के बाहर होने पर भी रजिस्ट्री करा सकेंगे। नए सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 में रजिस्ट्री कराने वाला खुद ही अपने डॉक्यमेंट ऑनलाइन सबमिट कर सकेगा। पोर्टल से ही डॉक्यूमेंट लिखा और भेजा जाएगा। पक्षकारों की पहचान आधार और पैन कार्ड से होगी। ईकेवायसी से पहचान की प्रक्रिया होगी। प्रॉपर्टी की पहचान नक्शे पर जियो टेगिंग से होगी। इसके चयन से ही जिया टेगिंग के अनुसार प्रॉपर्टी का मूल्यांकन और स्टाम्प ड्यूटी आ जाएगी। रजिस्ट्री के बाद दोनों पक्षों को मेल या वाट्सप पर ही रजिस्ट्री के डॉक्यूमेट मिल जाएंगे। नए नियमों में गवाहों की जरूरत नहीं होगी। अब दस्तावेज डिजिटल और ई साइन के आधार पर मान्य होंगे। वहीं, कई प्रकरण में सीधे संवाद की जरूरत नहीं होगी।

नए सॉफ्टवेयर में कोई भी व्यक्ति ई स्टापिंग को अपने मोबाइल या कम्प्यूटर से जनरेट कर सकेंगा। इससे स्टाम्प खरीदने की प्रक्रिया और सरल हो जाएगी। दस्तावेज की ई कॉपी डीजी लाकर, वाट्सअप और ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध होगी। व्यक्ति क पहचान उनके बायोमेट्रिक द्वारा स्थापित की जाएगी।
चार जिलों में पायलट प्रोजेक्ट चला
संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर को पूरे प्रदेश में लागू करने से पहले चार जिलों गुना, रतलाम, हरदा, डिंडौरी में पायलट प्रोजेक्ट पर रन कराया गया। यहां पर रजिस्ट्रार कार्यालय और जनता को आने वाली दिक्कतों को सॉफ्टवेयर में सुधार कर दूर किया गया। सॉफ्टवेयर के पायलट प्रोजेक्ट के दौरान लोगों ने उसकी सराहना भी की। अब इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू कर रहे हैं।