जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी काउंसिल की बैठक में संगठन प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के बयान पर मंत्री विश्वास सांरग ने पलटवार किया है। सारंग ने कहा कि यदि कोई भारत में रह रहा है तो उसे देश के संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि “फिरकापरस्ती और देश को बांटने वाली राजनीति अब ज्यादा दिन तक नहीं चलेगी। सारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि खाते हिंदुस्तान की है लेकिन गाते किसी और की यह अब नहीं चलेगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ जाने वाले किसी भी बयान को सहन नहीं करेगी।