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MP News: संस्कार क्षरण से बढ़ा लव जिहाद, मध्य भारत प्रांत के संघचालक बोले-103 प्रकार की समस्याएं कीं चिन्हित

Tue, 25 Mar 2025 09:35 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश

सार

मध्यभारत प्रांत के संघ चालक अशोक पांडेय ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में समाज में बढ़ रहे संस्कारों के क्षरण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आजकल परिवारों में एकल परिवार का प्रचलन बढ़ रहा है, जिससे बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
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मध्य भारत प्रांत संघ चालक अशोक पाण्डेय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य भारत प्रांत संघ चालक अशोक पांडेय ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि संस्कारों के क्षरण के कारण पति-पत्नी वॉट्सएप पर बात करते हैं। बड़ों की आज्ञा का पालन नहीं करते। संयुक्त परिवार के बजाए एकल परिवार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी का असर बच्चों पर पड़ रहा है। लव जिहाद जैसी घटनाएं, इसी का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि इसे नहीं रोका गया तो लव जिहाद के साथ ही आनंद धाम जैसी संस्थाएं भी तेजी से बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि संघ कुटुंब प्रबोधन जैसे कार्यक्रम चलाता है और इसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम करता है। बच्चों को संस्कारित कर दिया जाए तो समाज ठीक हो जाएगा। उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर को दशहरा पर्व तक देश-प्रदेश में विशेष अभियान चलेगा। 
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मध्यभारत प्रांत में कुल 3384 शाखाएं चल रही
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कार्य मध्यभारत प्रांत में तेजी से बढ़ रहा है। संघ के कार्यकर्ताओं ने शताब्दी वर्ष के मौके पर प्रदेशभर में संघ कार्य को और व्यापक बनाने की योजना बनाई है। संघ की शाखाओं की संख्या में बढ़ोतरी के साथ अब यह कार्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रूप से चल रहा है।  वर्तमान में मध्यभारत प्रांत में कुल 3384 शाखाएं चल रही हैं, जिनमें से 490 शाखाएं महानगरों में और 2894 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 617 स्थानों पर 849 साप्ताहिक मिलन भी आयोजित किए जा रहे हैं। संघ का लक्ष्य शताब्दी वर्ष के अंत तक प्रत्येक बस्ती और मंडल तक संघ का कार्य पहुंचाना है। इसके अलावा, संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा सेवा बस्तियों में विभिन्न सेवा उपक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इस समय 213 सेवा उपक्रमों के जरिए संघ समाज की सेवा में लगा हुआ है। संघ शिक्षा वर्गों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष कुल 144 प्रारंभिक वर्गों में 8332 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जबकि 44 प्राथमिक वर्गों में 3571 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके साथ ही संघ शिक्षा वर्ग और कार्यकर्ता विकास वर्गों का भी आयोजन किया गया है।

103 प्रकार की समस्याएं चिन्हित की
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की 56 व्यवसायी शाखाओं के कार्यों को अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में विशेष रूप से सराहा गया। इन शाखाओं ने समाज के विभिन्न मुद्दों पर कार्य करते हुए नशा मुक्ति, सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि, गो-संरक्षण, और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। इसी प्रकार के कार्य अन्य जिलों में भी चल रहे हैं। इन शाखाओं ने नशा मुक्ति, सरकारी विद्यालय में बच्चों की कम उपस्थिति, गो-संरक्षण, नर्मदा जी का संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर कार्य, फलदार वृक्षों की कमी, लव जिहाद, धार्मिक जागृति का अभाव, संस्कार शिक्षण कमी, अस्वच्छता, मोबाइल गेमिंग, हिंदू परिवार पलायन, इस तरह से 103 प्रकार की समस्याएं चिन्हित की। इस प्रकार के कार्य मध्यभारत के अन्य विभागों में भी चल रहे हैं। राजगढ़ में सामाजिक समरसता, भोपाल में सेवा कार्य एवं हिंदू पलायन, ग्वालियर में सिंगल यूज प्लास्टिक एवं नशा मुक्ति, नर्मदापुरम में पर्यावरण संरक्षण इत्यादि विषयों को लेकर विशेष प्रयत्न किए जा रहे हैं। 
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बांग्लादेश में हिंदू समाज के खिलाफ हो रही हिंसा पर चिंता जताई
संघ की शताब्दी वर्ष के मौके पर संघकार्य को विस्तार देने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। विजयादशमी 2025 पर अधिकतम स्थानों पर गणवेश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, प्रत्येक गांव और बस्ती के हर घर तक संपर्क करने की योजना है। संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा हिंदू सम्मेलन और सद्भाव बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। संघ ने बांग्लादेश में हिंदू समाज के खिलाफ हो रही हिंसा पर भी गंभीर चिंता जताई है और इसके खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है। संघ का कहना है कि भारत सरकार को बांग्लादेश के हिंदू समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 'समरस और संगठित हिन्दू समाज' के निर्माण के लिए संकल्पित है। संघ का मानना है कि संगठित हिंदू समाज ही वैश्विक शांति और समृद्धि में योगदान दे सकता है। इसके तहत संघ प्रत्येक प्रकार के भेदभाव को नकारते हुए समरसता, पर्यावरण और नागरिक कर्तव्यों पर आधारित समाज बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा है।
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