कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने प्रदेश में नई सरकार में दो लाख लाडली बहनों के नाम काटने को लेकर सवाल किया। इस पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर लाड़ली बहनों के आकड़े जारी कर पलटवार किया। आशीष अग्रवाल ने लिखा कि झूठ की फैक्ट्री से फेक प्रोडक्ट निकालने में कांग्रेस बहुत फास्ट है। उमंग सिंघार जी, कम से कम नेता प्रतिपक्ष की गरिमा के अनुरूप जांच परखकर तो आप प्रतिक्रिया देते।
लाड़ली बहनों की संख्या कम होने की वास्तविक स्थिति तो पता कर लेते। उन्होंने आगे लिखा कि चलिए खैर सत्य और तथ्य इस ट्वीट में संलग्न है उस पर नजर जरूर डालिए। पंजीकृत आवेदन की सूची में किसी भी प्रकार की काट छांट नहीं की गयी, न ही किसी हितग्राही को योजना से बाहर किया गया है। संख्या में जो अंतर आ रहा है वह मृत्यु, लाभ परित्याग, उम्र अधिक होने से पात्रता सीमा से बाहर होने के कारण आ रहा है। अतः आपका ट्वीट पूर्णतः भ्रामक है। आपको झूठ फैलाने पर माफी मांगनी चाहिए और लाड़ली बहनों के खाते में राशि पहुंचाने के लिए भाजपा सरकार और माननीय मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देना चाहिए।
अग्रवाल ने ट्वीट के साथ जानकारी दी कि माह सितंबर 2023 से माह जनवरी 2024 के बीच अंतर 1 लाख 75 हजार 347। इसमें मृत्यु 154, स्वेच्छा से लाभ परित्याग के कारण 18 हजार 116, समग्र/आधार डी लिंक होने के कारण 804, 1 जनवरी 2024 को 60 वर्ष या आयु अधिक होने के कारण 1 लाख 56 हजार 253 है। बता दें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि प्रदेश की नई सरकार ने दो लाख लाडली बहनों के नाम काट दिए. सितंबर 2023 में इनकी संख्या 1 करोड़ 31 लाख थी, अब यह संख्या एक करोड़ 29 लाख हो गई. विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही है।