एक तरफ भाजपा की प्रचंड जीत के बाद सीएम के नाम को लेकर सियासी हलचल मची हुई है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस में उठापटक की अटकलें हैं। 2023 के चुनावों में करारी हार के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के पीसीसी चीफ का पद छोड़ने की अटकलें लग रही हैं। गुरुवार देर शाम कमलनाथ के इस्तीफा देने की जानकारी वायरल होने लगी। इसके बाद कमलनाथ के मीडिया समन्वयक पीयूष बबेले ने इस्तीफा देने की खबर का खंडन किया है। मप्र कांग्रेस ने भी ट्वीट कर खबर को भ्रामक और असत्य बताया।
बता दें कि दिल्ली में होने वाली हाईलेवल मीटिंग में कमलनाथ के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के कयास लगाए जा रहे थे। कमलनाथ बीते छह साल से मप्र कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं। 2018 का चुनाव कमलनाथ के नेतृत्व में लड़कर कांग्रेस ने सरकार बनाई थी और 15 साल बाद प्रदेश में सत्ता पाई थी। 15 महीने सरकार चलाने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। जिससे कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी। भाजपा ने शिवराज के नेतृत्व में सरकार बनाई थी।
इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 2023 में सत्ता वापसी के लिए कड़ी मेहनत की। हालांकि 2023 के परिणाम कांग्रेस के पक्ष मेें नहीं आए और 2018 की 114 सीटों के मुकाबले इस बार कांग्रेस 66 सीटों पर सिमट गई। इसी को लेकर प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व बदलाव की मांग उठी थी। हालांकि पार्टी का एक पक्ष आगामी लोकसभा चुनाव तक उनके पीसीसी चीफ बने रहने के पक्ष में है।