भोपाल में जयस की कार्यकारिणी की बैठक हुई
- फोटो : अमर उजाला
आदिवासी युवाओं के संगठन जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) में दो फाड़ हो गई है। मंगलवार को भोपाल में जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के एक गुट ने डॉ. हीरालाल अलावा को साइडलाइन कर दिया है। वह वर्तमान में कांग्रेस के विधायक है। एक गुट की कार्यकारिणी की बैठक भोपाल में आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय प्रभारी के पद को विलोपित कर राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद बनाया गया। इस पर लोकेश मुजालदा की नियुक्ति की गई है। जयस संगठन के दूसरे गुट के संरक्षक विधायक डॉ. हीरालाल अलावा है।
जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजालदा ने डॉ. हीरालाल अलावा को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि अलावा अब जयस के पदाधिकारी नहीं है। जयस के गठन पर नियम बनाया गया था कि जो भी पदाधिकारी चुनाव लड़ेगा, वह जयस का सदस्य हो सकता है, लेकिन पदाधिकारी नहीं हो सकता। उनका पद स्वत: ही समाप्त हो जाता है। वह कांग्रेस के विधायक हैं और कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। जयस एक विचाराधारा है। इस मामले में डॉ. हीरालाल अलावा से उनका पक्ष जानने संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई भी कमेंट करने से मना कर दिया। वहीं, लोकेश मुजादला ने डॉ. आनंद राय को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि वह जयस की विचाराधारा से प्रभावित है। इस वजह से जयस के आंदोलन का समर्थन करते हैं। वह किसी पद पर नहीं है।
120 सीटों पर तीसरे मोर्च के साथ लड़ेंगे चुनाव
जयस की कार्यकारिणी की बैठक में मुजालदा ने बताया कि जयस के 17 संस्थापक सदस्यों में से 15 शामिल हुए। मुजालदा ने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया है कि जयस तीसरे मोर्च के साथ 120 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। 47 अनुसूचित जनजाति, 35 अनुसूचित जाति और बाकी आदिवासी वोटरों का प्रभाव रखने वाली सीटें हैं। मुजालदा ने कहा कि इससे मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव और नया परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पर कहा कि वह जयस की विचाराधारा से विपरीत विचारधारा की पार्टी के साथ चुनाव नहीं लड़ेंगे।