मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश में वर्ष 2024-25 के वार्षिक बजट के स्थान पर सरकार विधानसभा में लेखानुदान पेश करेगी। इसमें जून 2024 तक के व्यय के लिए आवश्यक प्रावधान किया जाएगा। इसके बाद मानसून सत्र में पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार लेखानुदान के साथ ही वर्ष 2023-24 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। इसमें आवश्यकता अनुसार विभागों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। दरअसल लोकसभा चुनाव के चलते पूर्ण बजट का टाला गया है। लोकसभा चुनाव अगले साल होने हैं, जिसकी आचार संहिता फरवरी या मार्च में लागू हो सकती है। इसलिए सरकार तीन से चार माह के खर्च के लिए लेखानुदान लेकर आएगी।
वित्त विभाग की तरफ से सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें 2023-24 के पुनरीक्षित अनुमान और वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान व लेखानुदान के आंकड़े आईएफएमआईएस के बजट माड्यूल में देना है। इसमें प्राप्त होने वाले राजस्व और खर्च दोनों के लिए पुनरीक्षित अनुमान और बजट अनुमान के आंकड़े बीसीओ स्तर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वित्त विभाग ने विभागों को कहा कि पहल चार माह के लिए लेखानुदान को आवश्यक खर्चों के लिए लाया जा रहा है। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जरूरत होने पर वित्त विभाग के अधिकारियों से तारीख और समय तय कर चर्चा करने को कहा गया है। साथ ही कहा गया है कि लेखानुदान में कोई नया खर्च या मद शामिल नहीं किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान के लिए वेतन मद में 2023-24 के पुनरीक्षित अनुमान में तीन प्रतिशत की वृद्धि की गई है। मजदूरी के खर्च में वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट अनुमान में पांच प्रतिशत की वृद्धि कर प्रस्ताव रखा गया है। महंगाई भत्ता में बजट अनुमान 2024-25 के वेतन मद में प्रस्तावित राशि का 56 प्रतिशत, विभागों के वेतन मद में पिछले बजट के मुकाबले तीन प्रतिशत की वृद्धि, संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 8 प्रतिशत की वृद्धि, पेट्रोल व्यय में 5 प्रतिशत की वृद्धि, विभाग सुरक्षा, सफाई और परिवहन व्यवस्था में 10 प्रतिशत की वृद्धि की अनुमति दी गई है।
वित्त विभाग के निर्देश के अनुसार विभागाध्यक्ष/बजट नियंत्रण अधिकारी एवं वित्तीय सलाहकार बजट प्रस्तावों के लिए स्थापना व्यय के सटीक आकलन के लिए उत्तरदायी होंगे। विभागों के अनुसार बजट अनुमान 2024-25 के लिए आईएफएमआईएस में आंकड़ों की वित्त विभाग द्वारा 5 जनवरी तक एंट्री की जाएगी। प्रशासकीय विभागों द्वारा 6 जनवरी से 12 जनवरी के बीच आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अधिकारी वित्त विभाग के साथ 13 जनवरी से 27 जनवरी तक चर्चा कर सकेंगे। इसके बाद विभागवार कैलेंडर जारी किया जाएगा। वहीं, वित्त विधायक के वरिष्ठ अधिकारियों से विभागों के अधिकारी 28 जनवरी से 2 फरवरी के बीच चर्चा कर सकेंगे।