मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह ने अपनी ही सरकार को घेरते हुए चेक पोस्टों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने 1 जुलाई 2024 से कागजों में चेक पोस्ट बंद कर दिए थे, लेकिन हकीकत में यह व्यवस्था अब भी लागू है और वाहन चालकों से अवैध वसूली का सिलसिला जारी है।
भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाया है और परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से इसका जवाब मांगने की बात कही है। उनका कहना है कि सरकार के आदेश के बावजूद, उनके विधानसभा क्षेत्र खुरई में स्थित चेक पोस्ट पर अवैध वसूली का खेल जारी है। उन्होंने यह कहा कि 8 दिसंबर 2024 को इसी चेक पोस्ट पर अवैध वसूली से बचने की कोशिश में एक ट्रक पलट गया, हालांकि, बड़ी दुर्घटना टल गई।
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पूर्व मंत्री ने बताया कि मालथौन (अटा) चेक पोस्ट पर विगत कुछ महीनों से ट्रक ड्राइवरों और अन्य वाहन चालकों के खिलाफ अवैध वसूली, दुर्व्यवहार और विवाद की घटनाएं बढ़ी हैं। भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि यहां पदस्थ परिवहन अधिकारी और कर्मचारी शासन के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बिना वर्दी के तैनात रहते हैं और वाहनों से अवैध तरीके से शुल्क वसूलते हैं। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इस चेक पोस्ट पर हर रोज जाम लगने और तनावपूर्ण स्थिति के कारण स्थानीय नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने इस चेक पोस्ट पर चल रहे समानांतर वसूली के खेल और असामाजिक तत्वों के शामिल होने का भी आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह की अव्यवस्था से सरकार की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है और आम नागरिकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। यह पहली बार नहीं है जब भूपेंद्र सिंह ने अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है।