बच्चों को समझातीं सारिका घारू।
- फोटो : अमर उजाला
खगोलीय घटना के चलते आज 14 जून को दिन राजधानी भोपाल के लिए जीरो शैडो-डे है। आज के दिन दोपहर के समय किसी भी वस्तु की छाया नहीं बनेगी। कुछ देर के लिए लगेगा कि परछाई गायब हो गई है। हालांकि ऐसा सूर्य की स्थिति के चलते होता है। छाया बनती है बस दिखाई नहीं देती। इस खगोलीय घटना की वैज्ञानिक जानकारी देने नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने विज्ञान चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में बच्चों को सारिका ने बताया कि इसे जीरो शैडो-डे कहा जाता है। इस दौरान जमीन पर किसी छड़ को खड़ा किया जाए तो दोपहर में उसकी छाया दिखाई नहीं देगी।
सारिका ने बताया कि पृथ्वी के झुकाव के साथ परिक्रमा करते रहने से सूर्य हर साल के छ: महने मकर रेखा से कर्क रेखा की जाता दिखता है। इस दौरान वह अलग-अलग तारीख को किसी खास शहर के ठीक ऊपर होता है। आज से यह बारी राजधानी भोपाल की है। सूर्य मध्यान्ह में ठीक आपके सिर के ऊपर आने की खगोलीय घटना होने जा रही है। इस स्थिति में किसी भी वस्तु की छाया उसके ठीक आधार के नीचे बनती है, जिससे लगता है कि छाया गायब हो गई है।
ये भी पढ़ें-
प्रदेश के कई जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट, ग्वालियर-चंबल में चलेगी लू, जाने कब पहुंचेगा मानसून
सारिका ने बताया कि इस वर्ष सूर्य कर्क रेखा पर 21 जून को पहुंचेगा और वापस मकर रेखा की ओर अपनी वापसी यात्रा आरंभ करेगा। इस कारण यह 28 जून को दोबारा इस ही स्थिति में होगा। मकर रेखा और कर्क रेखा के बीच स्थित स्थानों पर यह घटना साल में दो बार होती है। सारिका ने बताया कि चूंकि भोपाल उत्तर से दक्षिण की ओर फैला एक बड़े क्षेत्रफल का शहर है इसलिए औसत रूप से यह घटना 14 जून को होती है। 13 जून को यह शहर के दक्षिणी भाग में आरंभ होती है।