मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पीएचई, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को मिलकर जल प्रदाय व्यवस्था को लेकर संयुक्त रूप से बैठक करने को कहा। उन्होंने कहा कि पानी के दोबारा उपयोग के प्रबंधन पर कार्ययोजना बनाएं। नल जल प्रदाय योजना में गुणवत्ता सुनिश्चित करें। पंचायतों के समूह बनाकर नल जल योजना को क्रियान्वित करें। सीएम ने कहा कि गांव में अपने स्त्रोतों से अन्य लोगों को पेय जल प्रदाय कर रहे लोगों को प्रोत्साहन दे और उनका सम्मान करें। मुख्यमंत्री ने कहा नल जल योजना को लेकर आ रही मैदानी कठिनाइयों का निराकरण करें। बैठक में विभाग की मंत्री संपत्तियां उइके और अधिकारी उपस्थित थे।
चार साल में 59% ही कवरेज, समयसीमा एक साल बढ़ेगी
प्रदेश के 51 हजार 304 गांव के 1 करोड़ 11 लाख परिवार को नल जल योजना के तहत कनेक्शन उपलब्ध कराया जाना है। इस योजना पर प्रदेश में 2021 में काम शुरू हो गया था। इसको चार साल पूरे होने के बाद 59 प्रतिशत ही परिवार को कनेक्शन उपलब्ध हो सका है। अब इसकी समयसीमा को जून 2024 से बढ़ाकर जून 2025 करने की कार्रवाई की जा रही है। इस साल योजना में 7300 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। वहीं, योजना के तहत अब तक गांव के 93 हजार स्कूलों में से सिर्फ 74 हजार और 66 हजार आंगनवाड़ी में से 43 हजार में ही नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सके हैं।