मध्य प्रदेश सरकार के बजट को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्वसमावेशी और सर्वस्पर्शी बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह गरीब कल्याण और मां, बहन और बेटी के उत्थान का बजट है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं आज अद्भुत और अकल्पनीय बजट के लिए वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। यह बजट हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का बजट है। प्रधानमंत्री ने कहा गरीब कल्याण हमारा संकल्प है। यह गरीब के कल्याण का बजट है। यह मां, बहन और बेटी के उत्थान का बजट है। यह किसानों की आय बढ़ाने का बजट है। सर्वसमावेशी और सर्वस्पर्शी बजट है। सही मायने में जनता का बजट है। क्योंकि जनता के 4 हजार सुझाव हमारे पास आए थे। यह अमृत काल में विकास और समृद्धि के अमृत की वर्षा का बजट है। कुल मिलाकर समाज के हर वर्ग के कल्याण को ध्यान में रखने वाला यह बजट प्रधानमंत्री जी के सपनों के अनुरूप एक वैभवशाली, गौरवशाली, संपन्न, समृद्ध और शक्तिशाली भारत के निर्माण में मध्य प्रदेश की तरफ से अभूतपूर्व योगदान देगा। प्रधानमंत्री का जो संकल्प है, 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी भारत को बनाना है। उसके लिए 550 बिलीयन डॉलर की इकोनॉमी मध्यप्रदेश को बनाना है। उस दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है
12वीं में टॉप आने वाली बेटी को ई-स्कूटी
सीएम ने कहा कि इस बार एक और नई योजना मुख्यमंत्री बालिका स्कूटी योजना शुरू की जा रही है। सरकारी स्कूल में 12 वीं क्लास में पहले नंबर पर आने वाली बेटी को ई-स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं एक और बधाई देना चाहता हूं। इस बात के लिए कि मुख्यमंत्री कौशल अप्रेंटिसशिप योजना अपने आप में अभूतपूर्व है। 1000 करोड़ रुपए का इसमें प्रावधान किया गया है। 1 लाख युवाओं को इसका लाभ मिलेगा।
बड़े स्किल्ड सेंटर स्थापित होंगे
सीएम ने कहा कि रोजगार के लिए 1 लाख से ज्यादा नौकरियों में भर्ती चल ही रही है। लेकिन उसके अतिरिक्त स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए है। नौजवानों को स्किल्ड करने के लिए भोपाल में संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क बन रहा है। उसी की तर्ज पर ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा ये बड़े स्किल्ड सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। यह बहुत संतुलित बजट है। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) उसका प्रावधान इस बार 56 हजार 256 करोड़ रुपए किया गया है। पिछली बार से 15% ज्यादा। एक तरफ अधोसंरचना विकास का बजट है तो दूसरी तरफ जनता के कल्याण के लिए।
डिफाल्टर किसानों का कर्ज सरकार भरेंगी
सीएम बोले कृषि के लिए 53 हजार 964 करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में किया गया है। इसमें विशेष रुप से ऋण माफी के झूठे वादे के चलते डिफाल्टर होने वाले किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज मिलना बंद हो गया था। हमने तय किया है कि सहकारी समितियों के कर्ज का ब्याज सरकार भरेंगी। ताकि शून्य प्रतिशत ब्याज पर किसानों को फिर से कर्ज मिल सके। उसके लिए ढाई हजार करोड़ रुपए का प्रावधान इस बजाय में किया गया है। 4 हजार रुपए की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 3 हजार 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
आधी आबादी के लिए 1.2 लाख करोड़
सीएम ने कहा कि यह मां, बहन, बेटी मतलब महिला आधी आबादी का कल्याण हमारी प्राथमिकता रही है। महिला कल्याण के लिए 1लाख 2 हजार 976 करोड़ रुपए का प्रावधान इसके लिए किया गया है। यह अभूतपूर्व है। मैं समझता हूं कि ये अब तक का सबसे ऐतिहासिक कदम है। लाडली लक्ष्मी योजना के लिए, कन्या विवाह और प्रसूति सहायता के लिए प्रावधान किया गया है। गांव की बेटी जैसी योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है, महिला स्व सहायता समूह को बैंक से क्रेडिट ऋण मिल जाए, उसका ब्याज भरने के लिए प्रावधान किया गया है।
हवाई जहाज से होगी तीर्थ यात्रा
हमारे जो जीवन मूल्य हैं, परंपराएं हैं, हमारी संस्कृति है, उसको आगे बढ़ाने के लिए चाहे सागर में संत रविदास जी महाराज का स्मारक हो, ओरछा में रामरजा लोक, चित्रकूट में दिव्य वनवासी राम लोक, सलकनपुर में देवी महालोक ऐसी जुड़ी परियोजनाओं के लिए भी लगभग 358 करोड रुपए का प्रावधान है। तीर्थ यात्रा अब हवाई जहाज से भी होगी। उसके लिए भी प्रावधान किया गया है। भारत भवन में कलाग्राम, रामपायली में डॉक्टर हेडगेवार जी का संग्रहालय, ग्वालियर में हिंदी भवन तथा अटल बिहारी वाजपेई स्मारक का भी प्रावधान किया गया है।
सोशल इंपैक्ट बॉन्ड जारी करेंगी सरकार
सीएम ने कहा कहा कि एक और अभिनव पहल, सोशल इंपैक्ट बॉन्ड हमने जारी करने का फैसला किया है। हमारी महिलाएं, हमारी बहन, बच्चे वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, निराश्रित कल्याणी बहनों के लिए संस्थागत व्यवस्था हम बनाएंगे। इसलिए महिला प्रशिक्षण केंद्र हो, नशा मुक्ति केंद्र हो, मानसिक दिव्यांग जन कल्याण हो, पुनर्वास केंद्र हो उनकी स्थापना हम करेंगे। सामाजिक महत्व के कार्यों में जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन है। उनके साथ मिलकर इसके लिए हम लगभग 1 हजार करोड़ रुपए के सोशल इंपैक्ट बॉन्ड जारी करेंगे। उसके लिए भी हमने 100 करोड़ रुपए का आउटकम फंड निर्मित किया है।
खेलों का बजट तीन गुना, नीचे पढ़े
- समाज के अनुसूचित जाति और जनजाति या कमजोर वर्ग में जनजातीय कल्याण के लिए 36 हजार 950 करोड रुपया, जो पिछले साल से 37 प्रतिशत अधिक है। जिसमें सिकल सेल मिशन के लिए भी 50 करोड़ रुपए के लिए प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिए भी 26 हजार 87 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पिछड़े वर्ग के लिए घुमंतू विमुक्त, अर्ध घुमंतु समुदाय के लिए बजट में विशेष रूप से प्रावधान किया गया है।
- शिक्षा पर 38 हजार 375 करोड रुपए, जो पिछले साल से 5 हजार 532 करोड़ रूपया अधिक है।सीएम राइज स्कूल के लिए भी प्रावधान है, ताकि उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अपने विद्यार्थियों को दे सकें।
- पीएम श्री योजना के अंतर्गत, उसमें स्टेट का शेयर भी हमने दिया है। उसके लिए भी 277 करोड रुपए का प्रावधान किया है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी।
- खेलो इंडिया यूथ गेम्स में मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर आ गया है इसलिए खेल का बजट इस बार 3 गुना ज्यादा बढ़ाया गया है, 738 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- स्वास्थ्य के क्षेत्र में और बेहतर सुविधाओं के लिए 16 हजार 55 करोड रुपए का प्रावधान, उसमें से आयुष्मान भारत के लिए 953 करोड़ रुपया का प्रावधान किया गया है। उसमें मेडिकल कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए भी पर्याप्त राशि दी गई है।
- गांव का विकास हो, ग्रामोदय हो या नगरोदय हो। दोनों के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है। 24 हजार 443 करोड़ रुपए तो ग्रामीण विकास के लिए हैं। नगरों के लिए भी 14 हजार 882 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है।