सीएम डॉ. मोहन यादव और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को पंजीयन भवन में सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, नवाचार और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। सायबर पंजीयन व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां लोन, मुख्तयारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पावर ऑफ अटॉर्नी और पार्टनरशिप डीड सहित 75 से अधिक सेवाओं का सायबर पंजीयन शुरू किया गया है। इससे लोगों को पंजीयन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वीडियो-केवाईसी सहित पूरी प्रक्रिया घर बैठे पूरी की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि शासन और उसके उपक्रमों के अंतरण दस्तावेज भी अब पेपरलेस तरीके से पंजीकृत होंगे। हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण से जुड़े मामलों में भी नागरिकों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।