फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News:पद्मश्री के लिए नामांकित हरचंदन सिंह भट्टी को CM ने दी बधाई, बोले- प्रदेश का नाम गर्व से रोशन किया

Sun, 26 Jan 2025 09:19 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भारत भवन के रूपांकर विभाग के निदेशक और प्रतिष्ठित आर्ट डिजाइनर हरचंदन सिंह भट्टी से मुलाकात की और उनको पद्मश्री के लिए नामांकित करने पर बधाई दी। 
विज्ञापन
सीएम ने पद्यश्री के लिए नामांकित हरचरण सिंह से मुलाकात कर बधाई दी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने  पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री सम्मान की घोषणा की। इसमें मध्य प्रदेश से पांच नाम शामिल है। इसमें भोपाल के हरचंदन सिंह भट्टी को भी आर्ट डिजाइनर के लिए चुना गया है। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भट्टी के निवास पहुंचे और उनको शाल, श्रीफल देकर पद्यश्री सम्मान के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित होने वाली विभूतियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करके प्रदेश का नाम गर्व से रोशन किया है। इस अवसर पर सांसद  वीडी. शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, भाजपा संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने  हरचरण सिंह भट्टी को बधाई दी। 
विज्ञापन


बता दें शनिवार को केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों के नामों की घोषणा की, जिनमें मध्यप्रदेश के भेरूसिंह चौहान (कला), बुधेन्द्र कुमार जैन (चिकित्सा), हरचंदन सिंह भट्टी (कला), जगदीश जोशिला (साहित्य एवं शिक्षा) और श्रीमती सैली होल्कर (व्यापार एवं उद्योग) शामिल हैं। कला के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित होने वाले हरचंदन सिंह भट्टी ने भारत भवन और जनजातीय संग्रहालय के आदिवासी परिवेश के डिजाइन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह लंबे समय से विभिन्न कला और डिजाइन परियोजनाओं में सक्रिय हैं।

हरचंदन सिंह ने अपने सम्मान की जानकारी अपने मित्रों और शासन स्तर से प्राप्त की। वे भारत भवन के रूपांकर विभाग के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं और 1981 से भारत भवन में जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उज्जैन के त्रिवेणी म्यूजियम और खजुराहो के आदिवासी म्यूजियम को नया रूप देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। 2000 में खजुराहो के आदिवासी म्यूजियम का पहला रूप सजाया था और 2022-23 में उसे पुनर्निर्मित किया।  हरचंदन सिंह भट्टी ने कहा कि उनका सपना चित्रकार बनने का था, लेकिन वह पूरा नहीं हो पाया। इसकी जगह वह डिजाइनर बन गए। वह उसे चित्रकला के रूप में ही देखते है। 
विज्ञापन
विज्ञापन



 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें