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MP News: इंदौर का जालसाज सीएम का करीबी बता ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने के नाम पर कर रहा था ठगी, गिरफ्तार

Sun, 14 Jan 2024 12:00 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का करीबी बता ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने के नाम पर ठगी के मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच ने संदिग्ध को हिरासत में लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। 
 
 
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आरोपी नवीन उर्फ मीनू राठौर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल की क्राइम ब्रांच ने इदौर निवासी एक बड़े जालसाज को पकड़ा है। आरोपी खुद को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का करीबी बताकर एक आला पुलिस अधिकारी को परिवहन आयुक्त बनवाने, आधा दर्जन लोगों को नौकरी और ट्रांसफर की डील कर रहा था। यहीं नहीं जालसाज भोपाल की 59 एकड़ विवादित जमीन का राजस्व विभाग से कब्जा दिलाने की भी डील कर रह था। जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 300 करोड़ आंका जा रहा है। क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर रही है। 
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मुख्यमंत्री के विंध्य कोठी में तैनात स्पेशल ब्रांच के पुलिस अधिकारियों को आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर भोपाल क्राइम ब्रांच को सूचना दी। इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। जालसाज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का भी खास होने की बात कर रहा है। उसका कहना है कि तीन दिसंबर को भाजपा की जीत के बाद वह अपनी टीम के साथ भोपाल आया और डॉ. मोहन यादव के भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद वह खुद को उनका करीबी बताने लगा। फिर लोगों को ठगने के लिए डील करने लगा। 

भोपाल क्राइम ब्राच से मिली जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय नवीन उर्फ मीनू राठौर इंदौर के चाणक्यपुरी कॉम्प्लेक्स, नालंदा परिसर इंदौर का रहने वाला है। वह दसवी फेल है और इंदौर में सूर्या इंटरप्राइसेस के नाम से ड्रायफ्रूट्स की दुकान का संचालन करता है। उसकी टीम में कई जालसाज हैं। एक दिन नवीन विंध्य कोठी के बाहर बैठकर लोगों की सूची बनाकर मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे अधिकारियों को देते हुए कहा कि मेरी सूची के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री से नहीं मिलेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों का बताया।
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विंध्य कोठी में तैनात स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उस व्यक्ति को न तो जानते हैं और न ही कभी मिले हैं। इसके उसे पकड़कर भोपाल क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। आरोपी ने मुख्यमंत्री का करीबी बताकर एक बड़े पुलिस अधिकारी को परिवहन आयुक्त बनवाने की डील कर ही रहा था, शक होने पर पुलिस उसकी हर गतिविधि की निगरानी कर रही  थी। इसी बीच नवीन ने इंदौर निवासी चेतन मराठे से भोपाल के हलालपुरा बस स्टैंड के पास 59 एकड़ राजस्व विभाग की विवादित जमीन को निजी कराने के लिए करोड़ों की डील कर ली।
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