प्रदेश में हाल के विधानसभा उपचुनावों के नतीजे भाजपा के लिए चिंता बढ़ाने वाले रहे हैं। पार्टी ने जहां दतिया और श्योपुर जिले की विजयपुर सीटें उपचुनाव में गंवा दीं, वहीं बुधनी और अमरवाड़ा में जीत तो मिली, लेकिन जीत का अंतर पहले की तुलना में काफी कम हो गया। इन परिणामों ने भाजपा के प्रदर्शन और चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दतिया विधानसभा सीट पर भाजपा को लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा।
2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डॉ. नरोत्तम मिश्रा 7,742 वोटों से चुनाव हारे थे। इस बार उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा, लेकिन कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने उन्हें 6,016 वोटों से हरा दिया। इस बार मतदान 71.42 प्रतिशत रहा, जो 2023 के मुकाबले करीब 8 प्रतिशत कम था। वहीं आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव को करीब 15 प्रतिशत वोट मिलने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया। चार उपचुनावों के नतीजे बताते हैं कि भाजपा को सत्ता में होने के बावजूद पहले जैसी बढ़त नहीं मिल रही है। दो सीटों पर हार और दो सीटों पर जीत का अंतर कम होना पार्टी के लिए आने वाले चुनावों से पहले चेतावनी माना जा रहा है। कांग्रेस इन परिणामों को अपने पक्ष में बदलते जनाधार का संकेत बता रही है, जबकि भाजपा संगठन स्तर पर नतीजों की समीक्षा में जुटी है।
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20 माह पहले विजयपुर में भी लगा था झटका
नवंबर 2024 विजयपुर उपचुनाव में भी भाजपा को हार मिली थी। वर्ष 2023 में रामनिवास रावत कांग्रेस के टिकट पर 4,437 वोटों से जीते थे। लोकसभा चुनाव के समय रावत भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी ने उनको वन मंत्री बनाया। इसके बाद उपचुनाव में वे भाजपा के टिकट पर 7,364 वोटों से चुनाव हार गए। उनको भाजपा के ही पूर्व नेता मुकेश मल्होत्रा ने हराया।
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बुधनी में जीत, लेकिन बढ़त घटी
बुधनी सीट पर भाजपा जीतने में सफल रही, लेकिन जीत का अंतर काफी कम हो गया। 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1,04,974 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 में जीत के बाद उन्होंने बुधनी सीट छोड़ दी। उनके इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के रमाकांत भार्गव केवल 13,901 वोटों से जीत सके। यानी भाजपा की बढ़त करीब 91 हजार वोट घट गई।
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अमरवाड़ा में भी कम हुआ जीत का अंतर
इसी तरह छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा सीट भाजपा ने कांग्रेस से छीन ली, लेकिन यहां भी जीत का अंतर काफी घट गया। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए कमलेश शाह ने 2023 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर 25,086 वोटों से जीता था। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में उनकी जीत का अंतर घटकर 3,027 वोट रह गया।