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MP News: रामेश्वर शर्मा ने मिलाए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से सुर, कहा- आत्मरक्षा के लिए हथियार रखना हमारा अधिकार

Thu, 29 Dec 2022 11:55 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर के सुर में सुर मिलाया है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार रखना संवैधानिक अधिकार है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि अपने घरों में चाकू को तैयार रखिये।  
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विधायक रामेश्वर शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल की सांसद और भाजपा नेत्री साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के चाकू वाले बयान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। भोपाल के ही विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी प्रज्ञा के सुर में सुर मिलाए हैं। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार रखना भारत में संवैधानिक अधिकार है। इसे हर कोई रख सकता है। फिर चाकू तो सामान्यतः सभी घरों में रखा ही जाता है। आत्मरक्षा के लिए हथियार रखने में कोई हानि नहीं है लेकिन इसका यह मतलब भी नहीं है कि किसी सज्जन को हथियार के दम पर सताया जाए।

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कर्नाटक में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कुछ दिन पहले हिंदू कार्यकर्ताओं पर हमला करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने का बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि लव जिहाद उनकी जिहाद परंपरा है। यदि कुछ नहीं है तो वे लव जिहाद करते हैं। यदि वे प्रेम करते हैं तो उसमें भी जिहाद करते हैं। अपने घरों में हथियार रखें। यदि और कुछ नहीं है तो कम से कम उन चाकुओं की ही धार तेज रखें, जिनका इस्तेमाल सब्जियां काटने के लिए किया जाता है। मैं नहीं जानती कि कौन-सी स्थिति कब पैदा होगी... हर किसी को आत्मरक्षा का अधिकार है। यदि कोई हमारे घर में घुसकर हम पर हमला करता है तो उचित जवाब देना हमारा अधिकार है। 

 

प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर सियासत गरमा गई है। कर्नाटक में तो भड़काऊ बयान का केस भी दर्ज हो चुका है। इस मामले पर प्रतिक्रिया में रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दुर्व्यवहार करने वाले, बेटियों को छेड़ने वाले, भारत की संप्रभुता को चैलेंज करने वाले के विरुद्ध तो सभी को लड़ना पड़ेगा। जो भी भारत की संप्रभुता को चैलेंज करेगा उसके विरुद्ध लड़ना तो तय है। जो लोग समाज का सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, उनसे मेरी हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि बाबा साहब अंबेडकर का संविधान पढ़ो। स्वार्थ को नीचे रखकर राष्ट्रहितों को सर्वोपरि मानो। अगर जो अपने हितों को राष्ट्रहित के ऊपर मानेगा, तो उसे न तो भारत का संविधान स्वीकार करेगा, न भारत सरकार स्वीकार करेगी, न मध्यप्रदेश सरकार स्वीकार करेगी और न ही रामेश्वर शर्मा।
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