भोपाल में ओला और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवा पूरी तरह बंद होने वाली नहीं है। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि कमर्शियल नंबर और जरूरी दस्तावेज वाले दोपहिया वाहनों को ही टैक्सी के रूप में चलने की अनुमति होगी। निजी नंबर की बाइक से यात्रियों को किराए पर ले जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर में बड़ी संख्या में लोग बाइक टैक्सी के जरिए कम किराए में सफर करते हैं। ऐसे में परिवहन विभाग की कार्रवाई का सीधा असर यात्रियों और बाइक टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों पर पड़ सकता है। हालांकि, कार्रवाई केवल उन वाहनों पर होगी, जो निजी नंबर पर पंजीकृत हैं और व्यावसायिक इस्तेमाल में लिए जा रहे हैं।
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5 हजार बाइक चलने का दावा, कमर्शियल गाड़ी नहीं दिखती
टैक्सी यूनियनों का दावा है कि भोपाल में ओला और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म पर करीब 5 हजार से ज्यादा बाइक टैक्सी के तौर पर चल रही हैं। इनमें बड़ी संख्या निजी नंबर वाली बाइक की बताई जा रही है। दूसरी ओर परिवहन विभाग के अनुसार शहर में बाइक भी कमर्शियल नंबर पर पंजीकृत हैं। इस पर टैक्सी यूनियनों का कहना है कि यदि बाइक कमर्शियल रजिस्ट्रर है तो दिखती क्यों नहीं है? उनकी सूची भी सार्वजनिक की जाना चाहिए। वहीं, निजी नंबर वाली कितनी बाइक वास्तव में एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म यानी ओला, ऊबर और रेपिडो पर टैक्सी के रूप में चल रही हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा विभाग के पास नहीं है।
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यात्रियों को मिल सकती है कम बाइक
यदि परिवहन विभाग ने निजी नंबर वाली बाइक पर कार्रवाई शुरू की तो बाइक टैक्सी की संख्या में कमी आ सकती है। इसका असर खासकर ओला और रैपिडो की राइड उपलब्धता पर पड़ेगा। पीक टाइम में यात्रियों को बाइक मिलने में ज्यादा समय लग सकता है और कुछ इलाकों में राइड की उपलब्धता भी कम हो सकती है। हालांकि कमर्शियल नंबर वाली बाइक से सेवा जारी रहेगी। भोपाल टैक्सी चालक संघ के पदाधिकारी राजेश कुमार नागले ने बताया कि एग्रीगेटर कंपनियों को आदेश जारी किया गया है कि अवैध वाहनों (नान कमर्शियल वाहनों) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
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ड्राइवरों पर भी पड़ेगा असर
निजी बाइक को टैक्सी के रूप में चलाने वाले ड्राइवरों के लिए भी यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है। ऐसे ड्राइवरों को या तो कमर्शियल नियमों के तहत वाहन पंजीकृत कराना होगा या फिर निजी बाइक से किराए की सवारी ले जाना बंद करना पड़ेगा। परिवहन विभाग का कहना है कि नियम सभी के लिए समान हैं। निजी वाहन का इस्तेमाल व्यक्तिगत काम के लिए किया जा सकता है, लेकिन उससे किराए पर सवारी ढोना व्यावसायिक गतिविधि मानी जाएगी।
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टैक्सी यूनियन की शिकायत के बाद बढ़ी सख्ती
भोपाल में 18 और 19 अगस्त को टैक्सी यूनियनों की हड़ताल के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। यूनियन का कहना था कि कमर्शियल वाहन चलाने वाले ड्राइवर परमिट, फिटनेस, बीमा और टैक्स समेत कई जरूरी औपचारिकताएं पूरी करते हैं। उनका आरोप है कि निजी नंबर वाली बाइक और कारों से यात्रियों को ढोने के कारण नियमों का पालन करने वाले कमर्शियल वाहन चालकों को नुकसान हो रहा है।