मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर ने वक्फ कृषि भूमि की लीज नीलामी को लेकर दाखिल याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वक्फ बोर्ड की प्रक्रिया पूरी तरह वैध और विधिसम्मत है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। अमीर आजाद अंसारी व अन्य द्वारा दायर की गई याचिका में दो मुख्य आपत्तियां उठाई गई थीं। पहली, कि आदेश पर हस्ताक्षर करने वाली डॉ. फरजाना गजाल पूर्णकालिक सीईओ नहीं हैं और दूसरी कि नीलामी का अधिकार केवल मुतवल्ली को है। कोर्ट ने दोनों तर्कों को अस्वीकार्य करते हुए स्पष्ट किया कि डॉ. गजाल की नियुक्ति वक्फ अधिनियम की धारा 23 के अनुरूप है। उनकी नियुक्ति में 'अस्थायी' शब्द केवल निर्धारित कार्यकाल को दर्शाता है। इससे उनकी वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता।