रेलवे ट्रैक पर अवैध रूप से घूमना और शॉर्टकट लेने की आदत अब लोगों के लिए महंगी साबित हो रही है। पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल ने ऐसे मामलों पर नकेल कसते हुए पिछले तीन महीनों में रिकॉर्ड कार्रवाई की है। अगस्त से अक्टूबर 2025 के बीच रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 646 मामलों में कार्रवाई की और न्यायालय के जरिए 2 लाख 57 हजार 205 रुपये का जुर्माना वसूला है।
सुरक्षित संचालन प्रणाली को करता है बाधित
रेल अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक पर अवैध प्रवेश न सिर्फ रेलवे की सुरक्षित संचालन प्रणाली को बाधित करता है, बल्कि यह जनता की जिंदगी के लिए भी गंभीर खतरा है। पिछले कई वर्षों में ऐसे मामलों के कारण गंभीर हादसे सामने आए हैं, इसलिए इस अभियान को विशेष रूप से तेज किया गया है।
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ट्रैक पर अवैध प्रवेश दंडनीय अपराध
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत ट्रैक पर अवैध प्रवेश दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल, एक हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। कटियार ने बताया कि अभियान का उद्देश्य यात्रियों को जागरूक करना और ट्रैक के आसपास होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। RPF की टीम लगातार यार्डों, ट्रैकों और स्टेशनों के आसपास निगरानी बढ़ा रही है। उन्होने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। ट्रैक की सुरक्षा में लापरवाही अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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रेल प्रशासन ने आम जनता से अपील
-रेलवे ट्रैक या यार्ड को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
-केवल निर्धारित पैदल क्रॉसिंग और फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करें।
-कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तत्काल RPF/GRP को सूचना दें।