भोपाल में बकरीद से पहले जानवरों के पक्ष में पैदल मार्च
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भोपाल में रविवार को राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस 'नेशनल एनिमल राइट्स डे' के अवसर पर ITC पार्क से राजा भोज सेतु तक एक विशेष जागरूकता मार्च निकाला गया, जिसने मानवता और करुणा पर नई बहस छेड़ दी। इस पदयात्रा में पशु-पक्षियों के कटे अंगों, पिंजरे में रखे मृत पक्षियों और मछलियों को लेकर लोगों ने शांति मार्च किया और 'जानवर खाने के लिए नहीं, दोस्ती के लिए हैं' का संदेश दिया।
अयान के परिवार ने छोड़ा मांसाहार
ऑल इंडिया एनिमल वेलफेयर बोर्ड के प्रतिनिधि और मुस्लिम समाज से आने वाले अयान अली सिद्दीकी ने बताया कि बचपन में बकरीद पर एक जानवर को अजीज दोस्त कहकर घर लाया गया, लेकिन कुर्बानी के नाम पर उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि मैं सात साल का था और बेहोश हो गया था। उस दिन समझ आ गया कि जानवर दोस्त होते हैं, शिकार नहीं।' अयान ने न केवल नॉनवेज त्यागा बल्कि वीगन बन गए और उनके पूरे परिवार ने भी मांसाहार छोड़ दिया।
जागरूकता के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
इस आयोजन में श्रद्धांजलि सत्र, नुक्कड़ नाटक, नृत्य, टी-शर्ट पेंटिंग और फेस पेंटिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से लोगों ने जानवरों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता का संदेश दिया।
जानवर 'प्रोटीन' नहीं, प्राणी हैं
कार्यकर्ताओं ने कहा कि जानवरों की हत्या स्वाद, प्रोटीन लालच या परंपरा के नाम पर स्वीकार्य नहीं है। ये भी जीव हैं, दर्द महसूस करते हैं और उनका शोषण किसी भी धर्म या संस्कृति के नाम पर नहीं होना चाहिए।