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MP News: राज्यसभा की तीसरी सीट की जंग के बीच BAP विधायक कमलेश्वर डोडियार 'कवरेज से बाहर', बढ़ी सियासी हलचल

Tue, 09 Jun 2026 09:01 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबला तेज हो गया है। इसी बीच भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार के संपर्क से बाहर होने और मोबाइल बंद मिलने से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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विधायक कमलेश्वर डोडियार। - फोटो : social media
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं, जिसके बाद अब विधानसभा का हर एक वोट बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। इसी बीच भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार के अचानक संपर्क से बाहर होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम से विधायक कमलेश्वर डोडियार  संपर्क से बाहर है। उनके मोबाइल नंबर बंद है। डोडियार भारत आदिवासी पार्टी के इकलौते विधायक हैं और राज्यसभा चुनाव में उनका वोट निर्णायक माना जा रहा है। ऐसे में उनके मोबाइल बंद होने से अब तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। 
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कांग्रेस का दावा, सभी विधायक एकजुट 
बता दें,  18 जून को होने वाले मतदान के लिए कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन और भाजपा ने महेश केवट को तीसरी सीट का उम्मीदवार बनाया है। मुकाबला रोचक होने के कारण दोनों दल किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहते। ऐसे में निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों का महत्व अचानक बढ़ गया है। कांग्रेस को आशंका है कि भाजपा उसके विधायकों में सेंध लगाने का प्रयास कर सकती है। यही वजह है कि पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बाड़ाबंदी की तैयारी में जुटी है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि उनके सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी प्रत्याशी को समर्थन देंगे। 
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खरीद-फरोख्त की जरूरत नहीं- भाजपा 
वहीं भाजपा का कहना है कि उसे किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त की जरूरत नहीं है। पार्टी नेताओं का दावा है कि कांग्रेस के कई विधायक स्वयं पार्टी नेतृत्व और उम्मीदवार चयन से असंतुष्ट हैं। भाजपा की नजर विशेष रूप से उन विधायकों पर है जो पहले भाजपा में रहे हैं और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए थे।
बताया जा रहा है कि भाजपा ने ऐसे करीब 15 कांग्रेस विधायकों की पहचान की है, जिनसे पार्टी नेता लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। इनमें कुछ ऐसे विधायक भी शामिल बताए जा रहे हैं जो टिकट वितरण या संगठनात्मक फैसलों से नाराज हैं।
 
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